मानसून सत्र का दूसरा दिन: कानून-व्यवस्था, पेपर लीक और सीमांचल के मुद्दों पर विपक्ष का जोरदार हंगामा; अनंत सिंह का बड़ा एलान
विधानसभा पहुंचे मोकामा विधायक अनंत सिंह का बयान मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मजबूती से खड़ा रहा, उसी तरह मेरा बेटा अब निशांत कुमार के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। वे अच्छा काम कर रहे हैं।
DESWA DESK : बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही। विधानसभा पोर्टिको से लेकर परिसर तक विपक्षी दल के विधायकों ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरते हुए जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की।
विपक्षी विधायक हाथों में ‘भ्रष्टाचार में नंबर वन बिहार’ और ‘अपराध में नंबर वन बिहार’ लिखे स्लोगन की तख्तियां लेकर परिसर में पहुंचे। सीपीआई विधायक अजय कुमार ने राज्य में गिरती कानून-व्यवस्था को लेकर मोर्चा खोला, वहीं अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भी सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर चंदा चोरी, वोट चोरी और लगातार हो रहे पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर मोदी सरकार मौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के अधिकारों के लिए होने वाले शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबाया जा रहा है।
राजद विधायक राहुल शर्मा ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार बेहद संवेदनहीन हो चुकी है। अपने मंत्रियों से सवाल पूछने के बजाय निर्दोष छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।
वहीं, विधायक अख्तरूल ईमान के नेतृत्व में विधायकों ने सीमांचल की बदहाली, नदियों के कटाव, ध्वस्त पुल-पुलियों और जर्जर सड़कों के विरोध में प्रदर्शन किया। अख्तरूल ईमान ने कहा कि किशनगंज, अमौर और बायसी क्षेत्र बाढ़ और कटाव से तबाह हैं, हजारों लोग बेघर हो चुके हैं, लेकिन टेंडर होने के बावजूद काम ठप पड़ा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर पर भी सवाल उठाए।
वहीं, विधानसभा पहुंचे मोकामा विधायक अनंत सिंह का बयान मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मजबूती से खड़ा रहा, उसी तरह मेरा बेटा अब निशांत कुमार के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। वे अच्छा काम कर रहे हैं।
सदन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जिसमें अल्पसूचित एवं तारांकित प्रश्न लिए गए। इसके बाद औपचारिक विधायी कार्यों के तहत कई महत्वपूर्ण नियमावलियों को सदन के पटल पर रखा गया।













