बिहार कैबिनेट में 27 प्रस्तावों पर लगी मुहर; शिक्षा, शहरी विकास, सड़क, स्वास्थ्य और नौकरी-रोजगार को लेकर बड़ा निर्णय

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षा, शहरी विकास, सड़क, स्वास्थ्य, पशुपालन, मत्स्य, ऊर्जा और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए विस्तारित करने की मंजूरी दी गई। योजना के तहत विद्यार्थियों को चार लाख तक का शिक्षा ऋण बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था जारी रहेगी। शहरी विकास के लिए भी बड़ा निर्णय लिया गया है, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राज्य के सभी नगर निकायों को मिलने वाले बेसिक और परफॉर्मेंस अनुदान की कुल राशि 9,169 करोड़ से अधिक है।

बिहार कैबिनेट में 27 प्रस्तावों पर लगी मुहर; शिक्षा, शहरी विकास, सड़क, स्वास्थ्य और नौकरी-रोजगार को लेकर बड़ा निर्णय

DESWA DESK : मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में शिक्षा, शहरी विकास, सड़क, स्वास्थ्य, पशुपालन, मत्स्य, ऊर्जा और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए विस्तारित करने की मंजूरी दी गई।

योजना के तहत विद्यार्थियों को चार लाख तक का शिक्षा ऋण बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था जारी रहेगी। शहरी विकास के लिए भी बड़ा निर्णय लिया गया है, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राज्य के सभी नगर निकायों को मिलने वाले बेसिक और परफॉर्मेंस अनुदान की कुल राशि 9,169 करोड़ से अधिक है।

इसके आवंटन और निगरानी के लिए राज्यस्तरीय समितियों के गठन को मंजूरी दी गई। राज्य के शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की अवधि 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गई। सड़क और परिवहन क्षेत्र में भी कई प्रस्ताव मंजूर हुए, नई राजधानी पथ प्रमंडल के तहत नेहरू पथ के डाकबंगला चौराहा से रुकनपुरा तक चौड़ीकरण के लिए करीब ₹398 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

सीतामढ़ी में परसौनी-सितामढ़ी रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे क्रॉसिंग संख्या-56 के स्थान पर सड़क उपरिगामी पुल (ROB) के निर्माण के लिए करीब ₹110.42 करोड़ की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। पशुपालन क्षेत्र में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत हीफर (बछिया-पाड़ी) पालन केंद्रों की स्थापना के लिए कुल ₹73.47 करोड़ की परियोजना लागत को मंजूरी दी गई है।

 इसमें केंद्र सरकार से स्वीकृत ₹4.55 करोड़ का अनुदान भी शामिल है। कैबिनेट ने बिहार राज्य मत्स्य विकास निगम लिमिटेड, पटना को विघटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।  साथ ही भारत सरकार की पशु जन्म नियंत्रण नियमावली, 2023 को बिहार में लागू करने की स्वीकृति दी गई। सरकारी कर्मचारियों और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।

व्यवहार न्यायालयों के कर्मचारियों के लिए स्वीकृत 7,527 उच्चवर्गीय लिपिक पदों में से 1,478 पदों को ग्रेड-II और 1,098 पदों को ग्रेड-I में उत्क्रमित करने की स्वीकृति दी गई है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के तहत मानसिक रूप से विशेष देखभाल की जरूरत वाली महिलाओं और पुरुषों के लिए पूर्णिया और गया में 50-50 क्षमता वाले दो अतिरिक्त आश्रय गृह संचालित करने की मंजूरी दी गई है।

बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के सम्यक संचालन एवं रखरखाव के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में गैर-वेतन मद में 40 करोड़ रुपये के सहायक अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी परिसंघ (फेडरेशन) लिमिटेड के गठन और 2026-27 से 2028-29 तक करीब 14.79 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली योजना को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने के लिए अनुमानित 2.75 करोड़ रुपये की राशि बिहार आकस्मिकता निधि से अग्रिम प्राप्त करने की स्वीकृति भी दी। इसके साथ ही सीतामढ़ी में स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी अमर शहीद रामफल मंडल का शहादत दिवस प्रत्येक वर्ष 23 अगस्त को राजकीय समारोह के रूप में मनाने और पश्चिमी चंपारण में स्वतंत्रता सेनानी एवं चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पं. राजकुमार शुक्ल की जयंती 23 अगस्त को राजकीय समारोह के रूप में मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने सिवान और मुजफ्फरपुर में 132/33 केवी तथा 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्रों के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। बेगूसराय जिले के बरौनी क्षेत्र में 700 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए उद्योग विभाग को भूमि के नि:शुल्क अंतर्विभागीय स्थायी हस्तांतरण को मंजूरी दी गई। बिहार विधानसभा सचिवालय में निदेशक पद पर एक वर्ष के लिए संविदा आधारित नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई, वहीं सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्यालय में कार्यालय परिचारी के 16 अतिरिक्त पदों के सृजन को स्वीकृति मिली।