आरजेडी के मुखर प्रवक्ता मृत्युजंय तिवारी का आरजेडी से इस्तीफा, भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज

बांकीपुर उपचुनाव से पहले बिहार की सियासत में दलबदल का बाजार गर्म है। इसी कड़ी में जन सुराज के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को बड़ा झटका लगा है। राजद के मुखर प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे के बाद राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

आरजेडी के मुखर प्रवक्ता मृत्युजंय तिवारी का आरजेडी से इस्तीफा, भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज

DESWA DESK : बांकीपुर उपचुनाव से पहले बिहार की सियासत में दलबदल का बाजार गर्म है। इसी कड़ी में जन सुराज के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को बड़ा झटका लगा है। राजद के मुखर प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे के बाद राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

मृत्युंजय तिवारी के इस कदम के बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने उन्हें भाजपा में शामिल होने का न्योता भी दे दिया है। वहीं, भाजपा के वरीय नेता कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनकी एक तस्वीर सामने आने के बाद इन कयासों को और हवा मिल गई है।

इस्तीफे के बाद जब मृत्युंजय तिवारी से उनके अगले कदम और भाजपा में जाने की अटकलों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद सधे अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आत्मसम्मान सबसे ऊपर होता है। जहां मान-सम्मान मिलेगा, वहां जाने में क्या दिक्कत है? समय आने पर सब कुछ साफ हो जाएगा।

उनके इस बयान को राजद नेतृत्व के खिलाफ उनके दबे गुस्से और भाजपा के प्रति नरम रुख के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, बांकीपुर में 30 जुलाई को उपचुनाव होना है और तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर हैं। इस बीच, मृत्युंजय तिवारी का आरजेडी से इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 


एक तरफ जहां राजद खेमे में इस इस्तीफे के बाद खामोशी छाई है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने मृत्युंजय तिवारी के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने उन्हें पार्टी में आने का खुला न्योता देते हुए कहा कि मृत्युंजय तिवारी एक कद्दावर और बेहतरीन प्रवक्ता हैं। राजद में प्रतिभावान लोगों की कद्र नहीं है। अगर वह राष्ट्रवाद और विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, तो भाजपा में उनका स्वागत है।

सियासी गलियारों में चर्चा तब और तेज हो गई जब बीजेपी के सीनियर लीडर कैलाश विजयवर्गीय के साथ मृत्युंजय तिवारी की एक हालिया तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। सूत्र बताते हैं कि दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लंबी बातचीत हुई है, जिसे सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात कहना जल्दबाजी होगी।


मृत्युंजय तिवारी को राजद का 'संकटमोचक' माना जाता रहा है। टीवी डिबेट्स से लेकर जमीनी राजनीति तक उन्होंने हर मोर्चे पर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की नीतियों का पुरजोर बचाव किया है। वह पार्टी का पक्ष इतनी मजबूती से रखते थे कि विरोधी भी उनका लोहा मानते थे। बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले उनके जैसे मुखर प्रवक्ता़ का जाना राजद के मीडिया मैनेजमेंट और आंतरिक संतुलन के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।