जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजी पटना : सीएम सम्राट चौधरी ने खींचा प्रभु का रथ, 40 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ पर सवार हुए भगवान
राजधानी पटना आज पूरी तरह से भक्ति के रंग में सराबोर हो गई। मौका था इस्कॉन मंदिर से निकलने वाली भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य और ऐतिहासिक रथयात्रा का। दोपहर से ही 'हरे रामा, हरे कृष्णा' और 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से पूरा इलाका गुंजायमान रहा। इस महाआयोजन में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पटना और आसपास के इलाकों से करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
DESWA DESK : राजधानी पटना आज पूरी तरह से भक्ति के रंग में सराबोर हो गई। मौका था इस्कॉन मंदिर से निकलने वाली भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य और ऐतिहासिक रथयात्रा का। दोपहर से ही 'हरे रामा, हरे कृष्णा' और 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से पूरा इलाका गुंजायमान रहा। इस महाआयोजन में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पटना और आसपास के इलाकों से करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इस पावन अवसर पर उत्सव की शुरुआत दोपहर एक बजे भगवान जगन्नाथ, भाई बलदेव और बहन सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना और भव्य महाआरती के साथ हुई। इसके बाद दोपहर ढाई बजे मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच औपचारिक रूप से रथ की रस्सी खींचकर इस भव्य रथयात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश सरकार के दिग्गज मंत्रियों का जमावड़ा भी इस धार्मिक उत्सव में देखने को मिला।
रथयात्रा के दौरान सुरक्षा और श्रद्धा का अनोखा संगम दिखा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के अलावा शहर के कई विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग प्रभु के रथ को खींचने और दर्शन करने के लिए कतारबद्ध दिखे।
इस वर्ष की रथयात्रा की सबसे बड़ी खासियत भगवान का भव्य रथ रहा। महाप्रभु जगन्नाथ, भ्राता बलदेव और देवी सुभद्रा को 40 फीट ऊंचे विशेष हाइड्रोलिक रथ पर विराजमान किया गया। बिजली के तारों और रास्तों की सुगमता को देखते हुए इस रथ को हाइड्रोलिक तकनीक से लैस किया गया है, जिससे जरूरत के अनुसार इसकी ऊंचाई को नियंत्रित किया जा सकता था। रथ को फूलों और आकर्षक लाइटों से बेहद अलौकिक रूप दिया गया था।
इस्कॉन मंदिर से शुरू होकर रथयात्रा जैसे ही पटना की मुख्य सड़कों पर आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। सड़क के दोनों ओर घरों की छतों और बालकनी से लोग भगवान पर फूलों की वर्षा कर रहे थे। इस्कॉन भक्तों के साथ-साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर झूमते श्रद्धालुओं ने पटना को साक्षात 'पुरी धाम' में तब्दील कर दिया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस बल की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की गई थी।













