अब ग्रामीण सड़कों का भी होगा चौड़ीकरण, प्राथमिकता तय कर समयबद्ध क्रियान्वयन पर सीएम का जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन और संपर्क व्यवस्था बनाये रखने के लिए सड़कों एवं पुलों का निर्माण तथा रखरखाव जरूरी है। पूर्व से निर्मित ग्रामीण सड़कों का नियमित अनुश्रवण करें तथा आवश्यकता के अनुसार उनका सुदृढ़ीकरण कराया जाए ताकि ग्रामीण जनता को सुरक्षित एवं सुगम यातायात की सुविधा मिल सके।
DESWA DESK : बिहार में पुल की नींव कम और भ्रष्टाचार की नींव ज्यादा मजबूत रही है। यही कारण है लगातार पुल-पुलिया धराशायी होते रहे हैं। लेकिन, अब सम्राट सरकार ने इसपर नकेल कसने के लिए कड़ा एक्शन प्लान बताया है। जिम्मेदारी तय की गई है, लापरवाही पर कार्रवाई के कठोर मानदंड तय किए गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कह दिया है कि सड़कों एवं पुलों के निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब राज्य के सभी पुलों का विशेषज्ञों से नियमित निरीक्षण तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा ऑडिट कराया जएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में ग्रामीण कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव दिवेश सेहरा ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन और संपर्क व्यवस्था बनाये रखने के लिए सड़कों एवं पुलों का निर्माण तथा रखरखाव जरूरी है। पूर्व से निर्मित ग्रामीण सड़कों का नियमित अनुश्रवण करें तथा आवश्यकता के अनुसार उनका सुदृढ़ीकरण कराया जाए ताकि ग्रामीण जनता को सुरक्षित एवं सुगम यातायात की सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि सड़कों के रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था विकसित करें और किसी भी क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत में अनावश्यक विलंब न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या एवं यातायात की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक लोगों की पहुंच आसान होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सड़क परियोजनाओं की प्राथमिकता निर्धारित करें तथा जनहित, यातायात की आवश्यकता और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का चयन करें।
प्राथमिकता के आधार पर नई परियोजनाओं को स्वीकृत कर गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करें। बैठक में उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।













