मानसून सत्र का पहला दिन : नीट पेपरलीक पर सदन में विपक्ष का हंगामा, वित्त मंत्री ने पेश किया 87 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट

बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से भारी हंगामे और सियासी गहमागहमी के बीच शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने नीट पेपरलीक मामले को जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। हालांकि स्पीकर के समझाने के बाद विपक्षी विधायक शांत हो गए। इसके बाद वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा, जिसके बाद दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देकर कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

मानसून सत्र का पहला दिन : नीट पेपरलीक पर सदन में विपक्ष का हंगामा, वित्त मंत्री ने पेश किया 87 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट

DESWA DESK : बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से भारी हंगामे और सियासी गहमागहमी के बीच शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने नीट पेपरलीक मामले को जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। हालांकि स्पीकर के समझाने के बाद विपक्षी विधायक शांत हो गए। इसके बाद वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा, जिसके बाद दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देकर कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद राज्य के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। कुल 87,383 करोड़ रुपये का बजट सदन के पटल पर रखा गया।  इसमें स्कीम मद में 57,077 करोड़ रुपये, वेतन एवं पेंशन मद में 32,265 करोड़ रुपये और सेंट्रल स्कीम मद में 39.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बाद दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई और सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

हालांकि सत्र की शुरुआत से पहले ही विपक्ष के विधायकों के तेवर तल्ख दिखे। विधानसभा परिसर में विपक्ष ने पोस्टर-बैनर के साथ सरकार विरोधी नारे लगाए। विपक्षी विधायक नरेंद्र मोदी हाय-हाय और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगा रहे थे। विपक्षी विधायकों ने हाथों में नीट छात्रों के हत्यारे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, नई शिक्षा नीति को रद्द करो और पेपरलीक से छात्रों की आत्महत्या की जवाबदेही तय करो जैसे गंभीर स्लोगन लिखे पोस्टर लिए हुए थे। विधानसभा पोर्टिको में भारी नारेबाजी के कारण कुछ देर के लिए गतिरोध बना रहा, जिसे बाद में स्पीकर के हस्तक्षेप और समझाने-बुझाने के बाद शांत कराया जा सका।

पहले दिन छाए नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार
मानसून सत्र का आज का दिन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और सूबे के नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के नाम रहा। निशांत कुमार आज पहली बार विधान परिषद पहुंचे थे। खास बात यह भी थी कि आज उनका जन्मदिन था, जिसके कारण जदयू विधायकों ने पोर्टिको में ही उन्हें घेर लिया और बधाई देने लगे। इसी दौरान वे प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायकों के बीच भी कुछ देर के लिए घिरे दिखे। 

विधान परिषद में जब सभापति ने सदस्यों को बोलने का मौका दिया तो स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अपनी सीट पर खड़े हो गए। सदन में अपने पहले संबोधन में उन्होंने बेहद सधे और विनम्र अंदाज में कहा कि सदन में मेरा यह पहला दिन है। अगर मुझसे कोई भूल हुई हो तो मुझे क्षमा करें। हम चाहते हैं कि सदन में हम सभी का प्रदर्शन बेहतर हो और हम एक टीम की तरह मिलकर काम करें। 

उन्होंने कहा कि मैं युवाओं से भी अपील करना चाहूंगा कि जब वे सदन में आएं तो इसकी गरिमा बनाए रखें। पिछले 20 सालों में हमारी सरकार ने शिक्षा, रोजगार, मजदूर, किसान और युवाओं समेत हर वर्ग के लिए काम किया है। अब सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में हमें बिहार को और आगे ले जाना है।

निशांत कुमार के इस शालीन और परिपक्व भाषण की सदन में काफी चर्चा रही। पहले दिन के हंगामे को देखते हुए साफ है कि आगे के सत्र में भी कानून व्यवस्था, रोजगार और पेपरलीक जैसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।