बांकीपुर फतह के बाद पीके का बड़ा हमला : बीजेपी से बोले-बिहार में तुरंत बदलिए मुख्यमंत्री, किसी पढ़े-लिखे को कमान सौंपिए

अपनी जीत के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने भाजपा नेतृत्व को आड़े हाथों लिया और कड़े शब्दों में कहा कि भाजपा नेतृत्व को अब कम से कम बांकीपुर के जनादेश से सबक लेना चाहिए। हमारी अपील है कि बिहार में तुरंत मुख्यमंत्री बदलिए। किसी पढ़े-लिखे और योग्य व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाइए। अगर आप किसी दागी छवि वाले व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाए रखेंगे तो बिहार की तरक्की कभी नहीं हो सकती।

बांकीपुर फतह के बाद पीके का बड़ा हमला : बीजेपी से बोले-बिहार में तुरंत बदलिए मुख्यमंत्री, किसी पढ़े-लिखे को कमान सौंपिए

DESWA DESK : बांकीपुर के 31 साल पुराने भाजपा दुर्ग को ध्वस्त करने के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) ने राज्य की सत्ता पर काबिज भाजपा-एनडीए के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के तुरंत बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने अपना राजनीतिक एजेंडा पूरी तरह साफ कर दिया। प्रशांत किशोर ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से बिहार में तत्काल मुख्यमंत्री बदलने की मांग करते हुए सीधा हमला बोला। 

अपनी जीत के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने भाजपा नेतृत्व को आड़े हाथों लिया और कड़े शब्दों में कहा कि भाजपा नेतृत्व को अब कम से कम बांकीपुर के जनादेश से सबक लेना चाहिए। हमारी अपील है कि बिहार में तुरंत मुख्यमंत्री बदलिए। किसी पढ़े-लिखे और योग्य व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाइए। अगर आप किसी दागी छवि वाले व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाए रखेंगे तो बिहार की तरक्की कभी नहीं हो सकती।

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बांकीपुर की सम्मानित जागरूक जनता ने यह साबित कर दिया है कि बिहार अब केवल नारों, जुमलों और थोपे गए चेहरों के भरोसे नहीं चलेगा। प्रदेश के युवाओं और बुद्धिजीवियों को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो शिक्षा, रोजगार और विकास के विज़न पर बात कर सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर का यह बयान केवल एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि बिहार की भावी राजनीति का एक रणनीतिक खाका है।

दरअसल, नीतीश कुमार के हटने और सत्ता के नए समीकरण बनने के बाद, प्रशांत किशोर ने सीधे तौर पर सत्ता के शीर्ष पद की साख और योग्यता पर सवाल उठाए हैं। पढ़े-लिखे सीएम की मांग उठाकर जन सुराज सीधे तौर पर बांकीपुर के उस मध्यम वर्ग, प्रोफेशनल्स और युवाओं को साध रहा है, जिन्होंने भाजपा का पारंपरिक साथ छोड़कर जन सुराज पर भरोसा जताया है। प्रशांत किशोर के इस तीखे हमले के बाद सत्ताधारी एनडीए खेमे में खलबली मच गई है।

 बांकीपुर उपचुनाव में हुई करारी शिकस्त के बाद पहले ही अंदरूनी घमासान मचा हुआ था, ऐसे में पीके के इस हमले ने जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। बांकीपुर का परिणाम और प्रशांत किशोर के तीखे तेवर यह साफ इशारा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत पुराने राजनीतिक समीकरणों बनाम जन सुराज के एजेंडे के बीच एक नया मोड़ लेने वाला है।