टेंडर माफिया रिशुश्री से साठगांठ पर बड़ा एक्शन, इन दो आइएएस अधिकारियों पर गिरी गाज
टेंडर माफिया रिशुश्री से साठगांठ पर सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ा एक्शन लिया है। बिहार कैडर के दो आइएएस अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। जिन आइएएस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें योगेश कुमार सागर और अभिलाषा शर्मा का नाम शामिल है।
DESWA DESK : टेंडर माफिया रिशुश्री से साठगांठ पर सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ा एक्शन लिया है। बिहार कैडर के दो आइएएस अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। जिन आइएएस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें योगेश कुमार सागर और अभिलाषा शर्मा का नाम शामिल है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इन दोनों आइएएस अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। हालांकि अभी जांच चल रही है और कई अन्य अधिकारियों पर भी रिशुश्री से साठगांठ मामले में कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा को निलंबन से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
बिहार कैडर के आइएएस अधिकारियों ने ना सिर्फ रिशुश्री से आर्थिक लाभ लिया, बल्कि उसके खर्चों पर परिजनों के साथ विदेश में भी ऐश किया। योगेश सागर को रिशुश्री से आठ रिश्तेदारों के साथ यूरोप की सैर कराई और उसका पूरा खर्च वहन किया। ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि 22 जून 2024 से 30 जून 2024 तक बिहार कैडर के आइएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर ने परिवार के आठ लोगों के साथ यूरोप की यात्रा की और आलीशान होटलों में ठहरे। इसका पूरा खर्च रिशु श्री ने ही उठाया था।
बताया जा रहा है कि हवाई यात्रा और यूरोप की सैर पर रिशुश्री ने करीब 22 जाख रुपये खर्च किए थे। जब रिशु श्री योगेश सागर के परिवार को यूरोप की टूर पर ले या था, उस वक्त वे समाज कल्याण विभाग में तैनात थे। 2017 बैच के आइएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर मूल रूप से उत्त्र प्रदेश के बरेली के रहने वाले हैं।
इसी प्रकार 2014 बैच की आइएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा गृह मंत्रालय नई दिल्ली से बिहार आने के बाद कई महत्वपूर्ण पदों पर रहीं और रिशु श्री को अनैतिक तरीके से लाभ पहुंचाया। सीतामढ़ी डीएम के अलावा वह वित्त विभाग में संयुक्त सचिव भी रहीं। फिलहाल वे ग्रामीण विकास विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं।
सूत्रों का दावा है कि रिशुश्री मामले में जांच अभी प्रारंभिक दौर में है, जब जांच आगे बढ़ेगी तो कई और वरीय अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती है। फिलहाल अभी जो सामने आया है, उसके मुताबिक रिशु श्री ने अपने प्रभाव और संपर्क का इस्तेमाल कई सरकारी विभागों के बड़े टेंडर अपनी कंपनी तथा करीबी ठेकेदारों को दिलाने में किया है। इसके बदले में उसने उसने अधिकारियों को ना सिर्फ आर्थिक लाभ पहुंचाया, बल्कि विदेश में उनकी ऐश-मौज का भी पूरा इंतजाम किया। फिलहाल ईडी और एसवीयू मामले की जांच कर रही है।











