पर्यटन को विकसित कर होगा रोजगार सृजन : नए तरीके से सजेगा सोनपुर मेला, आमी मंदिर को मिलेगा नया रूप
सरकार का लक्ष्य पर्यटन केंद्रों को विकसित कर रोजगार सृजन करना है, ताकि लोगों को राज्य से बाहर काम के लिए ना जाना पड़े। सोनपुर मेला स्थल के विकास के लिए 24 करोड़ 29 लाख रुपये की योजना तैयार की गई है, जिसका प्रस्ताव विभाग की ओर से केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।
DESWA DESK : राज्य में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन विभाग पर्यटन केंद्र को विकसित कर रहा है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत सारण जिले के प्रसिद्ध सोनपुर मेला स्थल का व्यापक विकास किया जाएगा। इसके अलावा आमी स्थित अंबिका भवानी मंदिर को भी पर्यटन स्थल के रूप में संवारने की योजना है। इस पर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
सरकार का लक्ष्य पर्यटन केंद्रों को विकसित कर रोजगार सृजन करना है, ताकि लोगों को राज्य से बाहर काम के लिए ना जाना पड़े। सोनपुर मेला स्थल के विकास के लिए 24 करोड़ 29 लाख रुपये की योजना तैयार की गई है, जिसका प्रस्ताव विभाग की ओर से केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।
एशिया के सबसे बड़े पशु मेलों में शुमार सोनपुर मेला गंगा और गंडक नदी के संगम पर हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा को आयोजित होता है। यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक महत्व रखता है। विकास कार्यों में ग्रैंड एंट्री गेट का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण, डिजिटल सुविधाएं, हरित ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं, बेहतर पार्किंग, शौचालय, रोशनी और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
इससे मेला क्षेत्र को आधुनिक और पर्यटक अनुकूल बनाया जाएगा, जिससे साल भर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इसी तरह सारण जिले के आमी (अंबिका भवानी मंदिर) के विकास के लिए 13.19 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्ट्स में 13.29 करोड़) की योजना केंद्र सरकार को भेजी गई है। शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध यह प्राचीन मंदिर देवी सती (अंबिका भवानी) को समर्पित है।
विकास कार्यों में मंदिर परिसर की सौंदर्यीकरण, आसपास की नदी तट का विकास, पर्यटकीय सुविधाएं जैसे पार्किंग, गेस्ट हाउस, लाइटिंग, वॉकवे और अन्य बुनियादी ढांचे शामिल किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक दोनों का अनुभव बेहतर हो। वर्तमान में पर्यटन विभाग की 33 बड़ी योजनाओं पर कार्य चल रहा है।
इनमें पुनौराधाम, महाबोधि केंद्र एवं इको पार्क, लेक फ्रंट जैसी महत्वपूर्ण पर्यटकीय सुविधाएं शामिल हैं। स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत गयाजी में बौद्ध मेडिटेशन सेंटर का निर्माण 165.44 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता के अंतर्गत सहरसा की मत्स्यगंधा झील और करमचट इको सेंटर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
राज्य में पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर पांच फाइव स्टार होटलों का निर्माण जारी है। इनमें राजगीर में दो, वैशाली में एक और पटना में दो होटल शामिल हैं। पटना में आयकर गोलंबर के पास तथा गांधी मैदान स्थित बांकीपुर बस स्टैंड के निकट ये होटल विकसित किए जाएंगे।













