छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे : महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में मौन धरने के दौरान बिगड़ी तबीयत, भावुक होकर छलके आंसू

गुरुवार को वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे भी छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आ गए। अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिर्डी स्थित वाडिया पार्क के गांधी स्मारक पर आयोजित एक मौन धरने में हिस्सा लिया और छात्रों की मांगों के प्रति अपनी एकजुटता जताई। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते उन्हें कुछ समय बाद ही धरना स्थल से वापस लौटना पड़ा।

छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे : महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में मौन धरने के दौरान बिगड़ी तबीयत, भावुक होकर छलके आंसू

DESWA DESK : दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में जारी छात्र आंदोलन अब धीरे-धीरे देश के कई हिस्सों में फैल गया है। इस बीच गुरुवार को वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे भी छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आ गए। अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिर्डी स्थित वाडिया पार्क के गांधी स्मारक पर आयोजित एक मौन धरने में हिस्सा लिया और छात्रों की मांगों के प्रति अपनी एकजुटता जताई। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते उन्हें कुछ समय बाद ही धरना स्थल से वापस लौटना पड़ा।

अहिल्यानगर के वाडिया पार्क में मौन धरने के दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला। छात्रों के संघर्ष और देश के वर्तमान हालातों का जिक्र आते ही 86 वर्षीय भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता अन्ना हजारे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। धरना स्थल से सामने आए वीडियो में अन्ना हजारे भावुक होकर रोते हुए दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने छात्रों के मुद्दों पर एकजुटता दिखाई और उनकी मांगों का समर्थन किया।

अन्ना हजारे भले ही अस्वस्थता के कारण अधिक समय तक धरने पर नहीं बैठ सके, लेकिन उनकी आंखों से छलके आंसुओं ने इस छात्र आंदोलन को एक नई नैतिक शक्ति और दिशा दे दी है। मिली जानकारी के अनुसार, अन्ना हजारे गांधी स्मारक पहुंचे और मौन सत्याग्रह की शुरुआत की, लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद उनकी अस्वस्थता को देखते हुए उनके समर्थकों और डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।