पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में उमड़े लाखों श्रद्धालु, भीषण गर्मी और भगदड़ जैसी स्थिति में एक की मौत, कई घायल
ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के बीच शुरू हो गई। अपने प्रिय आराध्य के दर्शन और रथ खींचने की लालसा में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम पुरी की सड़कों पर उमड़ पड़ा है। हालांकि इस भारी भीड़, भीषण गर्मी और उमस के कारण महाप्रभु के मुख्य मंदिर के सामने भगदड़ जैसी स्थिति बन गई जिसमें दबकर एक श्रद्धालु की मौत हो गई। जबकि दर्जनों भक्त घायल हो गए जिन्हें आननफानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
DESWA DESK : ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के बीच शुरू हो गई। अपने प्रिय आराध्य के दर्शन और रथ खींचने की लालसा में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम पुरी की सड़कों पर उमड़ पड़ा है। हालांकि इस भारी भीड़, भीषण गर्मी और उमस के कारण महाप्रभु के मुख्य मंदिर के सामने भगदड़ जैसी स्थिति बन गई जिसमें दबकर एक श्रद्धालु की मौत हो गई। जबकि दर्जनों भक्त घायल हो गए जिन्हें आननफानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
ओडिशा पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक रथयात्रा के दौरान अचानक बढ़ी भीड़ के दबाव और उमस भरे मौसम के कारण कुछ जगहों पर स्थिति अनियंत्रित हो गई। पुलिस ने बताया कि भीड़ में दबने से एक श्रद्धालु की जान चली गई है। पुलिस टीमों ने तुरंत दर्जनों अस्वस्थ और घायल भक्तों को भीड़ से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
इस हादसे के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। जय जगन्नाथ और हरे कृष्ण के नारों, शंखध्वनि और पारंपरिक घंटों की गूंज के बीच लाखों श्रद्धालु अपने भगवान के रथों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस पावन यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा अपने मुख्य मंदिर से निकलकर मौसी के घर यानी गुंडीचा मंदिर के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। तीनों देवी-देवताओं को भव्य रूप से सजाए गए विशाल लकड़ी के रथों नंदीघोष (जगन्नाथ जी), तालध्वज (बलभद्र जी) और दर्पदलन (सुभद्रा जी) पर विराजमान किया गया है।













