एक दस्तखत की चूक और वीणा मानवी का पत्ता साफ, नामांकन रद्द होने की सामने आई बड़ी वजह
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द होने की वजह सामने आ गई है। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई केवल एक हस्ताक्षर की कमी की वजह से हुई है। जांच के दौरान पाया गया कि वीणा मानवी द्वारा दाखिल किए गए नामांकन पत्र में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।
DESWA DESK : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द होने की वजह सामने आ गई है। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई केवल एक हस्ताक्षर की कमी की वजह से हुई है। जांच के दौरान पाया गया कि वीणा मानवी द्वारा दाखिल किए गए नामांकन पत्र में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।
चुनाव आयोग के तय मानकों के अनुसार निर्दलीय या गैरमान्यता प्राप्त दलों के प्रत्याशियों के पर्चे पर प्रस्तावक के रूप में दस लोगों के हस्ताक्षर होना अनिवार्य होता है। हड़बड़ी में भरे गए इस फॉर्म की स्क्रूटनी के दौरान एक जरूरी हस्ताक्षर कम पाया गया, जिसके चलते नियमों के तहत रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) ने इसे खारिज कर दिया। अब वीणा मानवी बांकीपुर उपचुनाव नहीं लड़ सकेंगी। बांकीपुर उपचनाव में अबतक वीणा मानवी समेत 13 उम्मीदवारों के नामांकन अलग-अलग कारणों से रद्द हो चुके हैं।
बता दें कि वीणा मानवी के लिए यह चुनावी सफर शुरुआत से ही उतार-चढ़ाव भरा रहा। सोमवार को जैसे ही वह नामांकन कर समाहरणालय से बाहर निकलीं उन्हें पटना पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि बाद में उन्हें कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई। लेकिन जमानत मिलने की राहत ज्यादा देर नहीं टिकी और मंगलवार को उनका नामांकन रद्द होने से वह रेस से बाहर हो गई हैं।
इस फैसले के बाद जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव बेहद आक्रोशित नजर आए। वह स्वयं कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। तेजप्रताप यादव ने इसे सरकार की सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है। सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए तेजप्रताप ने कहा कि हमारी प्रत्याशी को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
पहले नामांकन के तुरंत बाद पुलिसिया कार्रवाई और अब तकनीकी बहाने से पर्चा खारिज करना लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि हम हार नहीं मानेंगे और इस नाइंसाफी के खिलाफ जल्द ही न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। वीणा मानवी के बाहर होने के बाद अब बांकीपुर उपचुनाव की चुनावी बिसात पूरी तरह बदल चुकी है।
जन सुराज के प्रशांत किशोर, बीजेपी और आरजेडी के बीच अब मुकाबला सीधा और बेहद कड़ा होने की उम्मीद है। बांकीपुर उपचुनाव में कुल 39 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था। जिसमें 13 उम्मीदवारों का नामांकन रद्द होने के बाद अब 26 उम्मीदवार ही मैदान में बचे हैं।













