नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से बिहार की राजनीति में हलचल, कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के पोस्टर पर पोती कालिख

बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके इस फैसले के बाद राज्य में नई सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए आज शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर जदयू की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में....

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से बिहार की राजनीति में हलचल, कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के पोस्टर पर पोती कालिख

बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके इस फैसले के बाद राज्य में नई सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए आज शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर जदयू की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में पार्टी के सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) शामिल होंगे।

 प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर कालिख
सूत्रों की माने तो बैठक में विधायक दल के नए नेता के चयन, संभावित नए मुख्यमंत्री के नाम और राज्य में बनने वाली नई सरकार के स्वरूप को लेकर मंथन होने की संभावना है। साथ ही आने वाले राजनीतिक कदमों और पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।वहीं, मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की खबर को लेकर पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। पटना स्थित जेडीयू कार्यालय में नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें से कुछ पर नाराज कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर कालिख पोत दी। बता दें कि इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। वहीं अब सबकी निगाहें आज होने वाली जेडीयू की बैठक पर टिकी हैं, जहां से राज्य के नए राजनीतिक समीकरण की तस्वीर साफ हो सकती है।

कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी
इतना ही नहीं  पटना में जेडीयू कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी देखने के लिए मिली। जेडीयू ऑफिस के बाहर पोस्टर लगाकर सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने को लेकर फिर से विचार करने की बात लिखी। पोस्टर में लिखा, नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर पुनर्विचार। लोकतंत्र में जनता के जनादेश और आत्मसम्मान का हनन। अब नहीं होगा सहन। बता दें कि गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन किया। इसके बाद शुक्रवार को जेडीयू ऑफिस के बाहर यह पोस्टर लगाया गया है। कहा जा रहा है कि बिहार विधानसभा के चुनाव में बिहार की जनता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे पर ही वोट किया। सीएम नीतीश ही अगले 5 सालों तक बिहार का नेतृत्व करेंगे, यही मानकर लोगों ने वोट किया लेकिन अचानक उनका राज्यसभा जाना जनादेश का उल्लंघन माना जा रहा है।

जेडीयू ऑफिस में तोड़फोड़ की गई थी
इससे पहले गुरुवार को सीएम नीतीश का एक्स पोस्ट आते ही जेडीयू ऑफिस में तोड़फोड़ की गई थी। कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था।  मीडिया से बात करते हुए कई कार्यकर्ता भावुक हो उठे थे। उन्होंने कहा था, बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को जनादेश दिया था न कि भाजपा को। अगर नीतीश कुमार बिहार की जनता को छोड़ कर राज्यसभा जा रहे हैं तो फिर यह बिहार की जनता के साथ छल है और यह छल भाजपा कर रही है।