बपौती नहीं है सरकारी बंगला, खाली तो करना ही होगा, बिना नाम लिए सम्राट चौधरी ने दे दी बड़ी चेतावनी
बिहार में बंगले को लेकर चल रही सियासत अब और तेज हो गई है। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड सरकारी आवास खाली ना करने के एलान के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने साफ कह दिया है कि सरकारी बंगला किसी की बपौती नहीं है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि मोह छोड़ दीजिए, बंगला तो खाली करना ही पड़ेगा।
DESWA DESK : बिहार में बंगले को लेकर चल रही सियासत अब और तेज हो गई है। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड सरकारी आवास खाली ना करने के एलान के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने साफ कह दिया है कि सरकारी बंगला किसी की बपौती नहीं है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि मोह छोड़ दीजिए, बंगला तो खाली करना ही पड़ेगा।
दरअसल, यह बंगला बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया है, जबकि राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड वाला बंगला आवंटित किया गया है, लेकिन 20 वर्ष से 10 सर्कुलर रोड सरकारी आवास में रह रहीं राबड़़ी देवी इसे खाली करने को तैयार नहीं है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी बंगला किसी की बपौती नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा सबसे महत्वपूर्ण है और पार्टी के निर्देश पर वह 24 घंटे में सरकारी आवास छोड़ने को तैयार हैं। शेखपुरा जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर जबर्दस्त हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को सिर्फ अपने घर-परिवार की ही चिंता रहती है। जनता के लिए कुछ नहीं करते। उन्हें सिर्फ और सिर्फ अपनी और परिवार की चिंता रहती है।
मैं पिछले दस वर्षों में कई बार मंत्री बना और उपमुख्यमंत्री भी रहा। इतना ही नहीं, गृहमंत्री भी रहा, लेकिन सरकारी घर में मैं नहीं रहता था। मात्र 24 सौ स्क्वायर फीट के अपने घर में ही रहता था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार जी ने बिहार की जनता की सेवा का अवसर दिया है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार जी ने ही कहा कि अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ही होंगे।
सम्राट चौधरी ने कहा कि मैं 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री बना और नीतीश कुमार जी ने एक मई को अपना सरकारी आवास खाली कर दिया।पहले दिन मैं मुख्यमंत्री आवास गया तो लिख दिया कि यह लोक सेवक आवास है और जनता की सेवा करने का माध्यम है। यहां किसी की बपौती नहीं है। राजतंत्र थोड़े ही है कि आपको जो घर मिला है, ताउम्र उसी में रहेंगे।
मैं तो 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया, लेकिन आज जिस घर में रह रहा हूं, वह मेरा 11वां घर है। लेकिन आज लोगों को मोह हो गया है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। सम्राट चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए तीखाा हमला बोलते हुए कहा कि आज बेटा को अलग घर चाहि, माता को अलग घर चाहिए और जनता से इनलोगों को कोई मतलब है नहीं, ऐसा चलने वाला नहीं है।
हमलोग जनता की काम के लिए है, इसलिए घर की चिंता छोड दीजिए। जिस दिन पार्टी और हमारे नेता आदेश करेंगे कि आपका काम यहीं पर समाप्त होता है, 24 घंटे में झोला उठाकर अपने निजी आवास में चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने जिस तरीके से बिहार में सुशासन स्थापित किया, उसी तरह सम्राट चौधरी की सरकार भी जनता की सेवा करती रहेगी, हम जनता की भलाई के लिए आए हैं और यही हमारा एकमात्र लक्ष्य है। यह लोकतंत्र है और यहां जनता सर्वोपरि है।













