दिल्ली में BJP अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले पवन सिंह, राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर बढ़ी सियासी चर्चा,बोले- जो मालिक चाहेंगे वही होगा
राज्यसभा चुनाव से पहले बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है और इस बार चर्चा के केंद्र में हैं भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार और बीजेपी नेता पवन सिंह। गुरुवार (26 फरवरी) को उन्होंने दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उनके राज्यसभा जाने की संभावनाओं को लेकर सियासी अटकलें...........
राज्यसभा चुनाव से पहले बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है और इस बार चर्चा के केंद्र में हैं भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार और बीजेपी नेता पवन सिंह। गुरुवार (26 फरवरी) को उन्होंने दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उनके राज्यसभा जाने की संभावनाओं को लेकर सियासी अटकलें और तेज हो गई हैं।
मैं भाई हूं, जो मालिक चाहेंगे वही होगा
मुलाकात के बाद पवन सिंह ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने कहा कि वह नितिन नवीन से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या बीजेपी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है, तो उन्होंने कहा, मैं भाई हूं, जो मालिक चाहेंगे वही होगा।उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होने हैं। इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा, जबकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च तय की गई है। खास बात यह है कि होली के अगले ही दिन नामांकन की अंतिम तिथि है, जिससे राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
बीजेपी के समर्थन में जोरदार प्रचार
पवन सिंह का नाम पहले भी कई बार चुनाव को लेकर चर्चा में रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके चुनाव लड़ने की अटकलें लगी थीं। उन्होंने विधानसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन में जोरदार प्रचार भी किया था। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजकर उनकी राजनीतिक भूमिका को और मजबूत कर सकती है।बिहार की जिन पांच सीटों पर चुनाव होना है, उनमें फिलहाल बीजेपी का कोई सांसद नहीं है।ये सीटें जनता दल (यूनाइटेड) के हरिवंश और रामनाथ ठाकुर, राष्ट्रीय जनता दल के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह, तथा उपेंद्र कुशवाहा की सीट शामिल हैं।
नामांकन प्रक्रिया पर टिकी सबकी नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पवन सिंह की लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए बीजेपी उन्हें राज्यसभा भेजकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को ही लेना है। अब सबकी नजर नामांकन प्रक्रिया पर टिकी है, जिससे तस्वीर साफ हो सकेगी कि क्या भोजपुरी के पावरस्टार संसद के ऊपरी सदन तक पहुंचेंगे।













