पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे बना बिहार की नई लाइफलाइन, CM नीतीश कुमार ने किया ग्राउंड निरीक्षण
बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने वाली पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे परियोजना अब तेजी से आकार ले रही है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद सारण जिले पहुंचे और निर्माणाधीन पहले चरण का जायजा लिया।सारण के बकरपुर-मानिकपुर मार्ग पर अचानक रुके मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य का गहन निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों से उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति और तकनीकी ....
बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने वाली पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे परियोजना अब तेजी से आकार ले रही है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद सारण जिले पहुंचे और निर्माणाधीन पहले चरण का जायजा लिया।सारण के बकरपुर-मानिकपुर मार्ग पर अचानक रुके मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य का गहन निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों से उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने काम की गति पर संतोष जताया, लेकिन साथ ही साफ निर्देश दिया कि परियोजना को तय समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
युद्धस्तर पर काम जारी
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने सीएम नीतीश को जानकारी दी कि यह एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना है, जिस पर युद्धस्तर पर काम जारी है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट के पहले खंड का निर्माण कार्य अप्रैल 2027 तक पूरा करने के लक्ष्य रखा गया है। विभाग की कोशिश है कि तय समय से पहले ही मुख्य संरचनाओं का ढांचा तैयार कर लिया जाए । इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद बिहार के परिवहन नक्शे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पटना से बेतिया की दूरी कम होगी और समय की बचत होगी। सफर घटकर सिर्फ 3 घंटे का रह जाएगा। साथ ही पुराने और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर दबाव कम होगा।
किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को बिहार की लाइफलाइन बताते हुए कहा कि यह सड़क वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण को सीधे पटना से जोड़ेगी साथ ही व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।सीएम नीतीश ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण या किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत दूर किया जाए। निर्माण कार्य में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर बिहार के विकास का नया कॉरिडोर बनने जा रहा है। जो आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा।बता दें कि निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के साथ उनके प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, ओएसडी डॉ. गोपाल सिंह और सारण के एसएसपी विनीत कुमार समेत NHAI के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।













