पश्चिमी चंपारण में बड़ा घूसकांड: 5 लाख लेते पकड़े गए सहायक अभियंता, घर से 42.5 लाख नकद बरामद
बिहार के पश्चिमी चंपारण में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है। जिला शिक्षा परियोजना के सहायक अभियंता रोशन कुमार को विशेष सतर्कता इकाई (SVU) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। 57 लाख रुपये के कार्य में 10 प्रतिशत कमीशन मांगने की शिकायत के बाद यह पूरी कार्रवाई....
बिहार के पश्चिमी चंपारण में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है। जिला शिक्षा परियोजना के सहायक अभियंता रोशन कुमार को विशेष सतर्कता इकाई (SVU) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। 57 लाख रुपये के कार्य में 10 प्रतिशत कमीशन मांगने की शिकायत के बाद यह पूरी कार्रवाई की गई।
शिकायत से ट्रैप तक: ऐसे बिछा जाल
सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न विद्यालयों में समरसेबल पंप लगाने और जीर्णोद्धार कार्यों के बिल पास करने के नाम पर कमीशन मांगा जा रहा था। कुल 57 लाख रुपये के कार्य में 10 प्रतिशत यानी करीब 5.7 लाख रुपये की मांग की शिकायत विशेष सतर्कता इकाई को मिली थी।शिकायत के बाद SVU ने गोपनीय जांच शुरू की। आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर पुलिस उपाधीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद और पुलिस उपाधीक्षक सुधीर कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पूर्व निर्धारित योजना के तहत शुक्रवार शाम करीब 5:40 बजे जाल बिछाया गया और रोशन कुमार को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया गया।
घर की तलाशी में बड़ा खुलासा
गिरफ्तारी के बाद बेलबाग स्थित उनके किराए के मकान की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कमरे से 42.5 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा एक स्मार्ट वॉच भी जब्त की गई है। इतनी बड़ी नकदी की बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह रकम किस स्रोत से आई और क्या इस पूरे मामले में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भी मिलीभगत है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
SVU अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित नेटवर्क की भी गहन जांच जारी है।कमीशन की रकम 5 लाख थी, लेकिन कमरे से 42.5 लाख रुपये की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह सिर्फ एक अधिकारी की करतूत है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था?फिलहाल विभागीय महकमे में हड़कंप मचा है और सबकी नजर जांच की अगली कड़ी पर टिकी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।













