बरसौनी टोल प्लाजा बना 'गुंडागर्दी' का अड्डा, रात के अंधेरे में चालकों से मारपीट और अवैध वसूली, पुलिस प्रशासन मौन !
पूर्णिया जिले में एनएच-31 पर स्थित बरसौनी टोल प्लाजा इन दिनों मालवाहक वाहन चालकों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। शाम ढलते ही इस टोल प्लाजा पर नियम-कानून ताक पर रख दिए जाते हैं और शुरू होता है खुलेआम गुंडागर्दी और अवैध वसूली का शातिराना खेल।
DESWA DESK : बिहार के पूर्णिया जिले में एनएच-31 पर स्थित बरसौनी टोल प्लाजा इन दिनों मालवाहक वाहन चालकों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। शाम ढलते ही इस टोल प्लाजा पर नियम-कानून ताक पर रख दिए जाते हैं और शुरू होता है खुलेआम गुंडागर्दी और अवैध वसूली का शातिराना खेल। ताजा मामलों ने स्पष्ट कर दिया है कि यहां तैनात कर्मी और उनके गुर्गे टोल वसूलने के लिए नहीं, बल्कि चालकों को मारने-पीटने और लूटने के लिए बैठे हैं।
रात में 'ओवरलोड' के नाम पर वसूली
पीड़ित चालकों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रात के समय बरसौनी टोल प्लाजा पर कर्मियों का एक अलग ही रूप देखने को मिलता है। टोल काउंटर पर पहुंचने से पहले ही वाहनों को रोककर कर्मियों द्वारा 'ओवरलोड' के नाम पर मोटी रकम (रंगदारी) मांगी जाती है। यदि कोई ड्राइवर इस अवैध मांग का विरोध करता है या पैसे देने से इनकार करता है, तो उसके साथ गाली-गलौज और बेरहमी से मारपीट की जाती है।
अकेला देखकर टूट पड़ते हैं टोल कर्मी
टोल प्लाजा पर सुरक्षा और सुविधा के बड़े-बड़े दावे करने वाले प्रबंधन की पोल यहां रोजाना खुल रही है। चालकों का आरोप है कि रात के वक्त जब कोई मालवाहक वाहन का ड्राइवर अकेला होता है, तो टोल कर्मी उसे चारों तरफ से घेर लेते हैं और अकेलेपन का फायदा उठाकर उसके साथ मारपीट करते हैं और जबरन पैसे छीन लेते हैं। विरोध करने पर गाड़ी को बंधक बनाने या आगे नहीं जाने देने की धमकी दी जाती है। पीड़ित ट्रक चालकों का कहना है कि टोल प्लाजा पर कोई कानून नहीं बचा है। रात में ये लोग कर्मी नहीं, बल्कि लुटेरों की तरह व्यवहार करते हैं। अगर आपके पास गाड़ी में कोई साथी नहीं है, तो आपकी जान और माल दोनों खतरे में हैं।
पुलिस प्रशासन और NHAI मौन क्यों ?
बरसौनी टोल प्लाजा चल रही खुलेआम गुंडागर्दी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किसके संरक्षण में बरसौनी टोल प्लाजा पर यह अवैध वसूली का रैकेट चल रहा है? क्या पुलिस प्रशासन को रात में होने वाले इस खेल की भनक नहीं है? या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई है?
अविलंब कार्रवाई की मांग जोर पकड़ी
मालवाहक संघों और स्थानीय लोगों ने एनएचएआई (NHAI) के उच्च अधिकारियों और पूर्णिया पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बरसौनी टोल प्लाजा पर तैनात कर्मियों के खिलाफ अविलंब उच्चस्तरीय जांच बैठाई जाए। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज खंगालकर रात में चालकों से मारपीट करने वाले गुंडों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए। साथ ही, ओवरलोडिंग की आड़ में हो रही इस अवैध वसूली को तुरंत रोका जाए ताकि चालक सुरक्षित सफर कर सकें। अगर प्रशासन ने इस पर जल्द ही कोई कड़ा एक्शन नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में चालकों का आक्रोश किसी बड़े आंदोलन या चक्का जाम का रूप ले सकता है।













