बिहार के इन जिलों में बनेगा 11 मेगा पार्क, 38 जिलों में फूड पार्क का भी सीएम ने दिया निर्देश, 50 हजार एकड़ लैंड बैंक से क्या होगा फायदा

बिहार को अग्रणी राज्य बनाने के लिए संकल्पित एनडीए सरकार ने राज्य में 11 मेगा पार्क, सभी जिलों में फूड पार्क और औद्योगिक विकास के लिए 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनाने का दिया निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिहार को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएं। ग्राम स्तर पर उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दें और एमएसएमई क्षेत्रों पर विशेष फोकस करें।

बिहार के इन जिलों में बनेगा 11 मेगा पार्क, 38 जिलों में फूड पार्क का भी सीएम ने दिया निर्देश, 50 हजार एकड़ लैंड बैंक से क्या होगा फायदा

DESWA DESK : बिहार को अग्रणी राज्य बनाने के लिए संकल्पित एनडीए सरकार ने राज्य में 11 मेगा पार्क, सभी जिलों में फूड पार्क और औद्योगिक विकास के लिए 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनाने का दिया निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिहार को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएं। ग्राम स्तर पर उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दें और एमएसएमई क्षेत्रों पर विशेष फोकस करें।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। समीक्षा बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिए चलायी जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति तथा भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास से बिहार समृद्धि के रास्ते पर बढ़ेगा, इसके माध्यम से ही बिहार की तस्वीर बदली जा सकती है। हमारा लक्ष्य है कि उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बिहार नयी ऊंचाइयों को प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि राज्य में 11 मेगा पार्क एवं सभी 38 जिलों में फूड पार्क बनायें।

 औद्योगिक विकास के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें, 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनायें। बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करें। राज्य में संसाधन की कमी नहीं है। निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार के उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों से विचार-विमर्श करें, उनके सुझावों पर अमल करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनायें। उद्योगों से संबंधित सभी अनुमतियां एवं सुविधाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराई जाये ताकि निवेशकों का विश्वास मजबूत हो।  ग्राम स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा दें। स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करें।

फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्रों में काफी संभावनायें हैं, इसको ध्यान में रखते हुये इस पर तेजी से कार्य करें। बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर की स्थापना की दिशा में कार्य करें। स्टार्टअप इको सिस्टम को मजबूत कर युवाओं के लिये नये अवसर सृजित किये जाएं। उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्योगों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करें। सभी जिलों के जिलाधिकारी भूमि अधिग्रहण के लिये लोगों से बात करें और उनकी भूमि का उचित मूल्य देकर उन्हें सहमत करायें। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित प्रोत्साहन (इंसेंटिव) समय पर उपलब्ध करायें। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्रेयशी सिंह और कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।