बिहार में बेखौफ साइबर अपराधी: अब डिप्टी सीएम को बनाया निशाना, पार्सल के नाम पर कॉल कर की बदसलूकी
बिहार में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आम जनता तो दूर, सूबे के शीर्ष नेतृत्व और वीवीआईपी को भी अपना निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से जुड़ा है, जिन्हें साइबर ठगों ने न सिर्फ अपनी ठगी के जाल में फंसाने की कोशिश की, बल्कि नाकाम होने पर उनके साथ बदसलूकी भी की। इस दुस्साहस के बाद सचिवालय और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
DESWA DESK : बिहार में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आम जनता तो दूर, सूबे के शीर्ष नेतृत्व और वीवीआईपी को भी अपना निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से जुड़ा है, जिन्हें साइबर ठगों ने न सिर्फ अपनी ठगी के जाल में फंसाने की कोशिश की, बल्कि नाकाम होने पर उनके साथ बदसलूकी भी की। इस दुस्साहस के बाद सचिवालय और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह हाई-प्रोफाइल मामला बीते 5 जून का है। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले शख्स ने खुद को एक पार्सल कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनके नाम से एक पार्सल बुक है। ठग ने पार्सल की डिलीवरी या वेरिफिकेशन के नाम पर डिप्टी सीएम को बातों में उलझाकर उनके मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा और उसे साझा करने को कहा।
डिप्टी सीएम ने तुरंत भांप लिया कि यह कोई साइबर फ्रॉड है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कॉलर से कहा कि मेरा ऐसा कोई पार्सल नहीं है।इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिया। अपनी साजिश को नाकाम होते देख साइबर अपराधी बौखला गया। उसने कुछ ही देर में उपमुख्यमंत्री को दोबारा फोन मिलाया। इस बार ठगी में असफल रहने के गुस्से में उसने डिप्टी सीएम के साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया और बदसलूकी की।
इस गंभीर मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री के पीए ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने पटना के साइबर अपराध थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आईपीसी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। साइबर सेल की एक विशेष टीम मामले की तफ्तीश में जुट गई है। जिस नंबर से कॉल आया था, उसे सर्विलांस पर डाल दिया गया है और उसका टावर लोकेशन ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने बिहार में साइबर सुरक्षा और अपराधियों के मन से कानून के डर के खत्म होने पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर लोग यह पूछ रहे हैं कि जब सूबे के उपमुख्यमंत्री को ठगने और उन्हें धमकाने की हिम्मत अपराधी कर सकते हैं, तो राज्य की आम जनता इन शातिर साइबर ठगों के सामने कितनी सुरक्षित है? राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में पिछले कुछ महीनों में साइबर फ्रॉड के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई है। पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन अपराधियों के नए-नए पैंतरे और यह ताजा दुस्साहस पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।













