बांकीपुर उपचुनाव : विदेश यात्रा से लौटते ही एक्शन मोड में तेजस्वी, अंतिम दो दिनों में रोड शो से साधेंगे बीजेपी का मजबूत गढ़

प्रचार के आखिरी चरण में तेजस्वी यादव की एंट्री को आरजेडी का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि तेजस्वी के मैदान में उतरने से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और मतदाताओं के बीच अंतिम क्षणों में समीकरण बदल सकते हैं।

बांकीपुर उपचुनाव : विदेश यात्रा से लौटते ही एक्शन मोड में तेजस्वी, अंतिम दो दिनों में रोड शो से साधेंगे बीजेपी का मजबूत गढ़

DESWA DESK : बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी चरम पर पहुंच गई हैं। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव करीब तीन सप्ताह के विदेश दौरे के बाद स्वदेश लौट आए हैं। वे दिल्ली से पटना पहुंच गए हैं। पटना पहुंचते ही उनका पूरा ध्यान हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पर केंद्रित हो गया है। चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में महागठबंधन समर्थित आरजेडी प्रत्याशी रेखा गुप्ता के पक्ष में माहौल बनाने के लिए तेजस्वी दो दिन रोड शो और जनसंपर्क अभियान चलाएंगे।

तेजस्वी यादव दो जुलाई को पटना से दिल्ली रवाना हुए थे, जिसके बाद वह अपने परिवार के साथ विदेश यात्रा पर चले गए थे। मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष ने उनकी अनुपस्थिति को लेकर आरजेडी पर लगातार तीखे सियासी हमले किए थे। हालांकि अब वापस लौटते ही तेजस्वी सीधे चुनावी बिसात बिछाने में जुट गए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को बांकीपुर में उनका रोड शो तय किया गया है। रविवार को भी उनका कार्यक्रम है।

बांकीपुर सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। यहां से भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद हाल ही में उनके राज्यसभा सदस्य बनाया गया, जिसके बाद यह सीट खाली हुई है, जिससे यह उपचुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। यहां से रेखा गुप्ता महागठबंधन समर्थित आरजेडी की उम्मीदवार हैं, जबकि एनडीए समर्थित नीरज कुमार सिन्हा बीजेपी के उम्मीदवार हैं। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

 बता दें कि 28 जुलाई को बांकीपुर उपचुनाव को लेकर प्रचार का शोर थम जाएगा। बांकीपुर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार का शोर 28 जुलाई की शाम पांच बजे थम जाएगा, जबकि मतदान 30 जुलाई को होना है और मतगणना की तारीख तीन अगस्त निर्धारित की गई है। प्रचार के आखिरी चरण में तेजस्वी यादव की एंट्री को आरजेडी का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि तेजस्वी के मैदान में उतरने से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और मतदाताओं के बीच अंतिम क्षणों में समीकरण बदल सकते हैं। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी के इस गढ़ में तेजस्वी यादव की सक्रियता आरजेडी के पक्ष में कितना असर डाल पाती है।