अब राहुल गांधी ने अमित शाह से पूछा सवाल, पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया..? पत्र में इन बातों का भी जिक्र

उन्होंने पत्र में लिखा है कि क्या गृह मंत्री के तौर पर आपने छात्रों के खिलाफ पेलेट गन और घातक बल प्रयोग की अनुमति दी थी? यदि नहीं तो इस तरह की कार्रवाई का आदेश किसने दिया? साथ ही, इंटरनेट पर सादे कपड़ों में छात्रों को लाठियों से पीटते दिख रहे लोग कौन थे? क्या वे पुलिसकर्मी थे या कोई राजनीतिक स्वयंसेवक? उनकी तैनाती किसके निर्देश पर की गई थी? उन्होंने पत्र के माध्यम से इस पूरे मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

अब राहुल गांधी ने अमित शाह से पूछा सवाल, पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया..? पत्र में इन बातों का भी जिक्र

DESWA DESK : छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और बल प्रयोग के मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सुरक्षाबलों की कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया है, और इसकी जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने घटना की नैतिक जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए सीधा सवाल दागा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और लाठियां चलाने का आदेश आखिर किसने दिया था?

गृहमंत्री को भेजे पत्र में राहुल गांधी ने लिखा कि छात्र केवल निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। सरकार का कर्तव्य प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा करना और संवाद के जरिए उनकी शिकायतों का समाधान निकालना था, लेकिन उसकी जगह छात्रों पर बल प्रयोग किया गया।  राहुल ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि इस हिंसक कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें कई छात्राएं भी शामिल हैं, जिनके साथ दुर्व्यवहार की खबरें सामने आई हैं। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने विशेष रूप से घातक हथियारों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। उन्होंने हरियाणा के एक छात्र साहिल का विशेष उल्लेख किया, जो पैलेट गन के छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसकी एक आंख की रोशनी जाने का खतरा पैदा हो गया है। राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से पत्र के जरिए दो प्रमुख और तीखे सवाल पूछे हैं। 

उन्होंने पत्र में लिखा है कि क्या गृह मंत्री के तौर पर आपने छात्रों के खिलाफ पेलेट गन और घातक बल प्रयोग की अनुमति दी थी? यदि नहीं तो इस तरह की कार्रवाई का आदेश किसने दिया? साथ ही, इंटरनेट पर सादे कपड़ों में छात्रों को लाठियों से पीटते दिख रहे लोग कौन थे? क्या वे पुलिसकर्मी थे या कोई राजनीतिक स्वयंसेवक? उनकी तैनाती किसके निर्देश पर की गई थी? उन्होंने पत्र के माध्यम से इस पूरे मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ संवाद के माध्यम से उनकी शिकायतों का समाधान करना चाहिए था, लेकिन उनपर पैलेट गन चलाई गई। 

उन्होंने कहा कि देश के युवा जवाबदेही चाहते हैं कि आखिर यह किसके आदेश पर हुआ, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को आघात पहुंचा। फिलहाल, नेता प्रतिपक्ष के इस पत्र के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। जबकि इस मामले पर राजनीतिक पारा चढ़ गया है।