केवाईपी सेंटर ठप होने से फूटा गुस्सा : जंदाहा में सड़कों पर उतरे छात्र व केंद्र संचालक, कहा-जल्द फैसला न हुआ तो राज्यव्यापी आंदोलन

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कुशल युवा कार्यक्रम (केवाईपी) पिछले चार माह से ठप रहने के विरोध में शनिवार को छात्र-छात्राओं, प्रशिक्षकों, केंद्र संचालकों एवं युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान 'केवाईपी बचाओ अभियान' के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन करते हुए सरकार से प्रशिक्षण केंद्रों को अविलंब पुनः शुरू करने की गुहार लगाई।

केवाईपी सेंटर ठप होने से फूटा गुस्सा : जंदाहा में सड़कों पर उतरे छात्र व केंद्र संचालक, कहा-जल्द फैसला न हुआ तो राज्यव्यापी आंदोलन

DESWA DESK : राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कुशल युवा कार्यक्रम (केवाईपी) पिछले चार माह से ठप रहने के विरोध में शनिवार को छात्र-छात्राओं, प्रशिक्षकों, केंद्र संचालकों एवं युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान 'केवाईपी बचाओ अभियान' के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन करते हुए सरकार से प्रशिक्षण केंद्रों को अविलंब पुनः शुरू करने की गुहार लगाई।

प्रदर्शन का नेतृत्व केवाईपी वेल्फेयर सोसाइटी, वैशाली के अध्यक्ष डॉ. आनंद रंजन झा ने किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. आनंद रंजन झा ने कहा कि पिछले चार माह से केंद्र बंद रहने के कारण न केवल ग्रामीण व गरीब तबके के बच्चे कौशल प्रशिक्षण से वंचित हो रहे हैं, बल्कि नए नामांकन पर भी पूरी तरह ब्रेक लग गया है। 

उन्होंने कहा कि केंद्रों के बंद रहने से हजारों युवाओं की पढ़ाई और कौशल प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। नए नामांकन भी पूरी तरह बंद हैं, जिससे बड़ी संख्या में गरीब बच्चे योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि केवाईपी योजना ने वर्षों तक ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने का कार्य किया है। वर्तमान स्थिति से न केवल विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, बल्कि प्रशिक्षकों एवं केंद्र संचालकों के सामने भी आर्थिक संकट गहरा गया है।

प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने सरकार के समर्थन में कौशल विकास को मजबूत करने तथा बंद केंद्रों को शीघ्र चालू करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को जिले से राज्यस्तर तक विस्तारित किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य की सभी केवाईपी केंद्रों को तत्काल शुरू करने की मांग की और नए नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर लंबित प्रशिक्षण गतिविधियों को पुनः बहाल करना करने की गुहार लगाई।

साथ ही, कहा कि नए सत्र के लिए पोर्टल खोलकर छात्र-छात्राओं के दाखिले की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। 
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांग न मानी गई तो राज्यस्तर पर आंदोलन किया जाएगा। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार कौशल विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाए और युवाओं के हित में तत्काल प्रशासनिक व नीतिगत निर्णय ले। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय छात्र, युवा और सेंटर संचालक उपस्थित रहे।

 बता दें कि बिहार के युवाओं के लिए कंप्यूटर व भाषा कौशल सीखने का केवाईपी प्रमुख जरिया रहा है, लेकिन पिछले चार माह से विभागीय और प्रशासनिक गतिरोध के राज्य के सभी केवाईपी सेंटर ठप पड़े हुए हैं, जिससे ग्रामीण तबके के गरीब बच्चों को केवाईपी का प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है।