बिहार में कहां-कहां विकसित होंगे सैटेलाइट टाउनशिप, जानिए इस परियोजना से कैसे बदलेगा आमलोगों का जीवन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की 11 सैटेलाइट टाउन परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने 11 टाउनशिप के लोकेशन, प्रत्येक सैटेलाइट टाउन की भूमि उपलब्धता, आधारभूत संरचना, विकास की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
DESWA DESK : बिहार में सुनियोजित शहरीकरण और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सम्राट चौधरी की सरकार 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित कर रही है। इन आधुनिक शहरों का निर्माण पटना, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा, भागलपुर, छपरा, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, सोनपुर और सीतामढ़ी में किया जाएगा।
इनमें पाटलिपुत्र टाउनशिप बिहटा, पुनपुन, फतुहा, संपतचक और धनरुआ सहित पटना ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना से शहरीकरण, आर्थिक विकास तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। वे लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में इसको लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की 11 सैटेलाइट टाउन परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने 11 टाउनशिप के लोकेशन, प्रत्येक सैटेलाइट टाउन की भूमि उपलब्धता, आधारभूत संरचना, विकास की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टाउनशिप विकास योजना महत्वपूर्ण योजना है। इस परियोजना को राज्य के शहरीकरण, आर्थिक विकास, रोजगार के अवसर तथा बेहतर आवासीय सुविधाओं के दृष्टिकोण से सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें। भूमि अधिग्रहण, स्वीकृतियों एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आने वाली बाधाओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 सैटेलाइट टाउन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा नागरिकों को आधुनिक जीवनस्तर के अनुरूप बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बैठक में नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा भी मौजूद थे।













