फगुनाहट में सियासत: मनोज तिवारी ने गीत से साधे राजनीतिक निशाने, होली गीत "होलरिया" वायरल
भोजपुरी संगीत और सियासत का रंग इस बार होली पर एक साथ घुलता नजर आ रहा है। भोजपुरी के लोकप्रिय गायक और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने होली के खास मौके पर अपना नया गीत ‘होलरिया..’ रिलीज किया है। इस गाने में उन्होंने पारंपरिक फागुनी उत्साह के साथ-साथ राजनीतिक तंज का भी अनोखा मिश्रण पेश किया है, जिससे यह गीत भोजपुरी और सियासी .....
भोजपुरी संगीत और सियासत का रंग इस बार होली पर एक साथ घुलता नजर आ रहा है। भोजपुरी के लोकप्रिय गायक और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने होली के खास मौके पर अपना नया गीत ‘होलरिया..’ रिलीज किया है। इस गाने में उन्होंने पारंपरिक फागुनी उत्साह के साथ-साथ राजनीतिक तंज का भी अनोखा मिश्रण पेश किया है, जिससे यह गीत भोजपुरी और सियासी दोनों गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
खेतवा में पावर दिखावे पवनवा
गाने में मनोज तिवारी ने भोजपुरी इंडस्ट्री के कुछ प्रमुख कलाकारों पर भी इशारों-इशारों में चुटकी ली है। गीत की पंक्तियां— “खेतवा में पावर दिखावे पवनवा, गड्ढवा में कुदल खेसरिया” — को भोजपुरी स्टार पवन सिंह और खेसारी लाल यादव से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं “कुंभ के पानी पियतवा किशनवा” और “निरहुआ बताइए पनिया” जैसी पंक्तियों को अभिनेता-सांसद रवि किशन और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ पर व्यंग्य माना जा रहा है।
राजनीति के कई बड़े चेहरों पर भी तंज
गीत में सिर्फ भोजपुरी कलाकार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के कई बड़े चेहरों पर भी तंज कसा गया है। वीडियो की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्हें ‘मोदी बाबा’ के रूप में दिखाया गया है, जो हाथ में पिचकारी लेकर मैदान में उतरते हैं। इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ-साथ विपक्ष के कई नेताओं की झलक भी वीडियो में दिखाई गई है।
तेज प्रताप यादव पर भी व्यंग्य
गाने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और उनके भाई तेज प्रताप यादव पर भी व्यंग्य किया गया है। साथ ही राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का उल्लेख करते हुए बिहार की राजनीति की अंदरूनी खींचतान को भी गीत में जगह दी गई है। इसके अलावा अयोध्या के राम मंदिर और ‘भगवा’ रंग के प्रतीकों के माध्यम से गीत में सांस्कृतिक और वैचारिक संदेश को भी प्रमुखता से दिखाया गया है।
होली है भैया, बुरा मत मानना
हालांकि, गीत में तीखे राजनीतिक तंज के बावजूद पारंपरिक होली की मिठास और लोक संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोक धुन और फागुनी माहौल के साथ मनोज तिवारी ने इसे मनोरंजन से भरपूर बनाने की कोशिश की है।गीत के अंत में मनोज तिवारी मुस्कुराते हुए कहते हैं, “होली है भैया, बुरा मत मानना,” जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस गीत का उद्देश्य त्योहार की भावना के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में व्यंग्य और मनोरंजन प्रस्तुत करना है।













