आईजीआईएमएस शेखपुरा का नया अस्पताल जल्द होगा पूर्ण, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया निरीक्षण
बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है, और इसी कड़ी में राजधानी पटना स्थित शंखपुरा में बन रहा नया अत्याधुनिक अस्पताल राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होने वाला है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), शेखपुरा, पटना....
बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है, और इसी कड़ी में राजधानी पटना स्थित शंखपुरा में बन रहा नया अत्याधुनिक अस्पताल राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होने वाला है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), शेखपुरा, पटना में निर्माणाधीन 1200 बेड वाले नए अस्पताल भवन सह आवासीय परिसर का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिया निर्देश
इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें निर्माण कार्य की प्रगति से अवगत कराया और बताया कि परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है तथा इसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि मरीजों को आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।यह अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तैयार होने के बाद मरीजों को एक ही स्थान पर उन्नत इलाज, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिलेंगी। इससे न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार के मरीजों को काफी सहूलियत होगी और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी।
लोगों का भरोसा बढ़ा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 से राज्य में उनकी सरकार बनने के बाद से सभी वर्गों के कल्याण और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिमाह औसतन केवल 39 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे, लेकिन वर्ष 2006 से सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा और इलाज की व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों का भरोसा बढ़ा है।
राज्य में मेडिकल शिक्षा और बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार
उन्होंने बताया कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर महीने औसतन 11,600 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है। इसके साथ ही राज्य में मेडिकल शिक्षा और बुनियादी ढांचे का भी तेजी से विस्तार हुआ है। पहले जहां बिहार में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की क्षमता को बढ़ाकर 5400 बेड किया जा रहा है, जबकि अन्य पांच पुराने मेडिकल कॉलेजों में कुल 2500 बेड की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही आईजीआईएमएस को भी 3000 बेड की क्षमता वाला अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान बनाया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य बिहार के लोगों को राज्य में ही बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।













