अब स्मार्ट होगा पटना का सफर, 50 ग्रीन बस स्टॉप से बदलेगा सार्वजनिक परिवहन

‎धूप में खड़े होकर बस का इंतज़ार करने के दिन अब बीतने वाले हैं। पटना की सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। शहर में अत्याधुनिक ‘ग्रीन....

अब स्मार्ट होगा पटना का सफर,  50 ग्रीन बस स्टॉप से बदलेगा सार्वजनिक परिवहन

धूप में खड़े होकर बस का इंतज़ार करने के दिन अब बीतने वाले हैं। पटना की सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। शहर में अत्याधुनिक ‘ग्रीन बस स्टॉप’ की शुरुआत होने जा रही है, जो यात्रियों को सुविधा, सुरक्षा और तकनीक से भरपूर अनुभव प्रदान करेंगे।

‎14 प्रमुख मार्गों पर 50 ग्रीन बस स्टॉप

‎राजधानी के 14 मुख्य मार्गों पर 50 आधुनिक ग्रीन बस स्टॉप बनाए जाएंगे। इन बस स्टॉप पर यात्रियों को केवल छाया ही नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशनों जैसी डिजिटल और स्मार्ट सुविधाएं भी मिलेंगी।

‎क्या होंगी प्रमुख सुविधाएं?

‎नये बस स्टॉप पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, जिन पर बसों के रूट, आगमन और प्रस्थान समय की सटीक जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही एनाउंसमेंट सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे बस आने से करीब आधा घंटा पहले यात्रियों को सूचना मिल सकेगी। इससे यात्रियों को अनिश्चित इंतजार से राहत मिलेगी।इन बस स्टॉप पर क्यूआर कोड आधारित टिकट व्यवस्था होगी, जिससे यात्री खुद ही टिकट ले सकेंगे। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।सोलर पैनल के जरिए बिजली आपूर्ति की योजना है, जिससे ऊर्जा की बचत होगी और बस स्टॉप पर्यावरण के अनुकूल बनेंगे।

‎पहले पटना, फिर पूरे राज्य में विस्तार

‎पहले चरण में इन बस स्टॉप का निर्माण पटना में किया जाएगा। इसके बाद राज्य के अन्य बड़े शहरों में लगभग 500 ग्रीन बस स्टॉप विकसित करने की योजना है। वर्तमान में विभिन्न मार्गों पर सर्वेक्षण जारी है, जिसके आधार पर अंतिम स्थान तय किए जाएंगे।

‎इस बार केवल निर्माण नहीं, मजबूत रखरखाव भी

‎पहले बनी सुविधाओं में रखरखाव की कमी के कारण कई बस स्टॉप उपयोगी नहीं रह पाए। इस बार परियोजना में नियमित निगरानी, प्रबंधन सुधार और रखरखाव प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि सुविधाएं लंबे समय तक बेहतर स्थिति में बनी रहें।ग्रीन बस स्टॉप योजना पटना को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह केवल ढांचा निर्माण नहीं, बल्कि शहर के परिवहन अनुभव को आधुनिक बनाने की शुरुआत है।