रोहिणी आचार्य का बड़ा हमला, तेजस्वी यादव और संजय यादव पर सीधे सवाल –सवाल पहले भी उठे थे..आज भी उठ रहे हैं..आगे भी उठेंगे
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए तेजस्वी यादव और संजय यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लालू जी और पार्टी के लिए किसने क्या काम किया है, यह लोकसभा और हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों से साफ झलकता है।रोहिणी आचार्य ....
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए तेजस्वी यादव और संजय यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लालू जी और पार्टी के लिए किसने क्या काम किया है, यह लोकसभा और हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों से साफ झलकता है।रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि जिन लोगों को पार्टी की अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं, उन्होंने अपने बाहरी सलाहकारों के साथ मिलकर उन सच्चे और समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत को नजरअंदाज किया, जो दशकों से लालू जी और पार्टी के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से पार्टी आज कमजोर स्थिति में पहुंच गई है।
सवाल पहले भी उठे थे, आज भी उठ रहे हैं और भविष्य में भी...
उन्होंने आगे कहा कि ये सवाल पहले भी उठे थे, आज भी उठ रहे हैं और भविष्य में भी उठते रहेंगे। अगर नैतिक साहस है, तो इन सवालों का जवाब खुले मंच से दिया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सच कौन बोल रहा है और कौन उससे बचने की कोशिश कर रहा है।रोहिणी ने यह भी कहा कि आज पार्टी के हर सच्चे कार्यकर्ता और समर्थक के मन में यह सवाल है कि जिन कुछ लोगों को लालू जी को दरकिनार कर पार्टी का सर्वेसर्वा बना दिया गया, उन्होंने पार्टी के लिए आखिर किया क्या है। उन्होंने समीक्षा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि समीक्षा के नाम पर जो दिखावा किया गया, उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई और समीक्षा रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
रोहिणी आचार्य ने ट्वीट कर नाराजगी जाहिर की थी
गौरतलब है कि दो दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को RJD का राष्ट्रीय कार्यकारी (कार्यवाहक) अध्यक्ष बनाया गया है। पटना के होटल मौर्य में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भोला यादव ने यह प्रस्ताव रखा था, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। हालांकि, इस फैसले के बाद भी रोहिणी आचार्य ने ट्वीट कर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने लिखा था कि “लालूवाद को तहस-नहस किया जा रहा है। जिसे वास्तव में लालू यादव की विचारधारा की चिंता होगी, वह पार्टी की मौजूदा स्थिति को लेकर जिम्मेदार लोगों से जरूर सवाल करेगा।”राजनीतिक गलियारों में रोहिणी आचार्य के इन बयानों को RJD के भीतर बढ़ते मतभेदों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।













