संघर्ष से सफलता तक,दृष्टिबाधित रविराज ने रचा इतिहास, UPSC में हासिल की ऑल इंडिया 20वीं रैंक

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आई हैं, लेकिन बिहार के नवादा जिले के रहने वाले रवि राज की सफलता सबसे खास बन गई है। आंखों की रोशनी के बिना ही उन्होंने ऑल इंडिया 20वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन कर दिया है।नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड के महुली.........

संघर्ष से सफलता तक,दृष्टिबाधित रविराज ने रचा इतिहास, UPSC में हासिल की ऑल इंडिया 20वीं रैंक

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आई हैं, लेकिन बिहार के नवादा जिले के रहने वाले रवि राज की सफलता सबसे खास बन गई है। आंखों की रोशनी के बिना ही उन्होंने ऑल इंडिया 20वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन कर दिया है।नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड के महुली गांव निवासी रवि राज ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 20वीं रैंक (AIR 20) हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने यह मुकाम दृष्टिबाधित होने के बावजूद हासिल किया है।

देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक 
यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जहां हजारों मेधावी अभ्यर्थी सालों तक तैयारी करते हैं। रवि राज के लिए भी यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। यह उनका पांचवां प्रयास था। लगातार चार असफलताओं के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी जारी रखी।उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि उन्होंने सामान्य वर्ग (General Category) में 20वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया।

पहले भी मिल चुकी है सफलता
रवि राज के लिए यह सफलता पहली बार नहीं है। इससे पहले वर्ष 2024 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 182वीं रैंक हासिल की थी। उस रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के लिए हुआ था।वर्तमान में वह 9 दिसंबर से महाराष्ट्र के नागपुर में आईआरएस अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ट्रेनिंग के दौरान भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार अपने असली लक्ष्य आईएएस तक पहुंचने का सपना साकार कर लिया।

BPSC भी कर चुके हैं पास
यूपीएससी की तैयारी के दौरान ही रवि राज ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 69वीं परीक्षा भी पास की थी। इस परीक्षा में उनका चयन राजस्व अधिकारी (Revenue Officer) के पद पर हुआ था।किसान परिवार से आने वाले रवि राज की सफलता संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दयाल पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई सत्येंद्र नारायण सिंह इंटर स्कूल से पूरी की। वहीं सीताराम साहू कॉलेज से उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की।

घर पर रहकर की तैयारी
रवि राज ने बताया कि उन्होंने घर पर रहकर ही प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई की। रवि राज की सफलता की सबसे बड़ी नायक उनकी मां विभा सिन्हा हैं। रवि के पास देखने की शक्ति नहीं थी, तो मां उनकी ‘आंखें’ बन गईं। विभा सिन्हा खुद एक गृहिणी हैं, लेकिन उन्होंने बेटे को आईएएस बनाने के लिए किसी तपस्वी की तरह मेहनत की। वे घंटों बैठकर रवि को मोटी-मोटी किताबें पढ़कर सुनाती थीं। वे खुद नोट्स बनाती थीं ताकि रवि उन्हें सुनकर याद कर सकें। मां-बेटे की इस जोड़ी ने मिलकर सिलेबस के हर पहाड़ को पार किया।

सफलता का 90 प्रतिशत श्रेय  मां को
रवि बताते हैं कि उनकी सफलता का 90 प्रतिशत श्रेय उनकी मां को जाता है जिन्होंने कभी उन्हें यह अहसास नहीं होने दिया कि वे दूसरों से अलग हैं उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और पंचायत में खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि उनके क्षेत्र से पहली बार किसी ने यूपीएससी में इतनी बेहतर रैंक हासिल की है।रवि राज की सफलता से उनके माता-पिता बेहद खुश हैं। उनकी माता विभा सिन्हा और पिता रंजन कुमार सिन्हा ने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। रवि की सफलता अब हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।