जेडीयू नेता निशांत कुमार को महिलाओं ने घेरा, बोलीं –अब शादी करिए! कल्याण बिगहा में दिखा अनोखा नज़ारा

राजनीति में सक्रिय होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जेडीयू नेता निशांत कुमार लगातार लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को वे अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।गांव पहुंचने के बाद निशांत कुमार ने सबसे पहले अपने दादा-दादी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे....

जेडीयू नेता निशांत कुमार को महिलाओं ने घेरा, बोलीं –अब शादी करिए! कल्याण बिगहा में दिखा अनोखा नज़ारा

राजनीति में सक्रिय होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जेडीयू नेता निशांत कुमार लगातार लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को वे अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।गांव पहुंचने के बाद निशांत कुमार ने सबसे पहले अपने दादा-दादी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे गांव में बने इंडोर शूटिंग रेंज भी पहुंचे, जहां उन्होंने निशानेबाजी का अभ्यास किया और वहां प्रशिक्षण ले रहे युवा खिलाड़ियों से मुलाकात की।

परिवार बढ़ाइए… अब शादी कर लीजिए 
बता दें कि इस दौरान एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। गांव की कुछ महिलाओं ने निशांत कुमार को घेर लिया और गुलाब का फूल देकर तथा आरती उतारकर उनका स्वागत किया। महिलाओं ने मुस्कुराते हुए उनसे कहा, “परिवार बढ़ाइए… अब शादी कर लीजिए भइया, हम लोगों को जरूरत है।”हालांकि महिलाओं की इस गुजारिश पर निशांत कुमार ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने बस लोगों से हालचाल पूछा और कहा, सब बढ़िया है ना? इसके बाद वे आगे बढ़ गए। इस दौरान मौजूद जेडीयू कार्यकर्ताओं ने “नीतीश कुमार जिंदाबाद” और  निशांत कुमार जिंदाबाद” के नारे भी लगाए।

पिता के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध
कल्याण बिगहा दौरे के दौरान निशांत कुमार ने कहा कि वे अपने पिता के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडोर शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि नवोदित निशानेबाजों से मिलना एक अद्भुत अनुभव रहा। यहां उपलब्ध सुविधाएं किसी वरदान से कम नहीं हैं और मुख्यमंत्री ने राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं।