मंत्रिमंडल विस्तार के ठीक दस दिन बाद प. बंगाल में बंटे विभाग, इन विभागों को सीएम शुभेंदु अधिकारी ने रखा अपने पास ?

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नवगठित भाजपा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर अपनी सबसे बड़ी बिसात बिछा दी है। मंत्रिमंडल विस्तार के ठीक दस दिन बाद बुधवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया। 

मंत्रिमंडल विस्तार के ठीक दस दिन बाद प. बंगाल में बंटे विभाग, इन विभागों को सीएम शुभेंदु अधिकारी ने रखा अपने पास ?

DESWA DESK : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नवगठित भाजपा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर अपनी सबसे बड़ी बिसात बिछा दी है। मंत्रिमंडल विस्तार के ठीक दस दिन बाद बुधवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया। 

इस हाई-प्रोफाइल आवंटन में मुख्यमंत्री ने जहां सुरक्षा और नीतिगत रूप से बेहद संवेदनशील विभागों की कमान अपने पास रखी है, वहीं कई कद्दावर और अनुभवी चेहरों को राज्य की दिशा बदलने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी और मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा हस्ताक्षरित आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, विभागों का यह नया ढांचा बंगाल के राजनीतिक और आर्थिक भविष्य के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के पास 'त्रिशूल': गृह, ऊर्जा और भूमि
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता के शीर्ष संतुलन को मजबूत रखते हुए सबसे महत्वपूर्ण तीन विभाग अपने पास रखे हैं। राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखने और प्रशासनिक सुधारों को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री ने गृह विभाग अपने पास रखा है। राज्य में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास और नए निवेश के लिए जमीन की उपलब्धता को सुगम बनाने के मकसद से शुभेंदु अधिकारी ऊर्जा और भूमि विभाग की खुद निगरानी करेंगे। इसके अलावा, पर्वतीय मामले, सूचना व संस्कृति, भूमि राजस्व, और कार्मिक व प्रशासनिक सुधार विभाग भी सीएम ने अपने पास रखा है।

स्वपन दासगुप्ता को वित्त और तापस राय को उद्योग
इस कैबिनेट बंटवारे की दो सबसे बड़ी नियुक्तियां आर्थिक मोर्चे पर हुई हैं, जो यह साफ संकेत देती हैं कि नई सरकार का पूरा ध्यान राज्य की वित्तीय सेहत सुधारने और औद्योगिक निवेश को वापस लाने पर है।
पत्रकार से राजनेता बने स्वपन दासगुप्ता को पश्चिम बंगाल का नया वित्त मंत्री बनाया गया है। आर्थिक मामलों पर गहरी पकड़ और नीतिगत समझ रखने वाले दासगुप्ता के कंधों पर राज्य को कर्ज के संकट से उबारने और नए बजटीय सुधार लागू करने की भारी जिम्मेदारी होगी। जमीनी राजनीति के लंबे अनुभवी नेता तापस राय को उद्योग विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। बंगाल में बंद पड़ी फैक्ट्रियों को दोबारा शुरू करना और बड़े कॉरपोरेट घरानों को राज्य की तरफ आकर्षित करना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

डॉ. शरदवत मुखर्जी होंगे नए स्वास्थ्य मंत्री
कोरोना के बाद से स्वास्थ्य क्षेत्र किसी भी सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए विधाननगर से भाजपा विधायक डॉ. शरदवत मुखर्जी को राज्य का नया स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है। एक पेशेवर डॉक्टर होने के नाते उनकी इस नियुक्ति को बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना उनके एजेंडे में शीर्ष पर रहेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी ने इस बंटवारे के जरिए 'अनुभव और विशेषज्ञता' के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश की है। एक तरफ जहां उन्होंने खुद कमान संभालकर यह संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था और नीतिगत फैसले सीधे उनके नियंत्रण में रहेंगे, वहीं स्वपन दासगुप्ता और डॉ. शरदवत मुखर्जी जैसे विषय-विशेषज्ञों को आगे करके सरकार की साख और कार्यकुशलता को बढ़ाने का दांव खेला है। अब देखना यह होगा कि नई कैबिनेट की यह टीम बंगाल की राजनीति और विकास को किस नई दिशा में ले जाती है।