पटना में ऑटो चालकों को बड़ी राहत! 18 हजार से बढ़कर 22 हजार होगा जोनल परमिट, लगेगा QR Code

पटना शहर में ऑटो परिचालन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (आरटीए) ने शहर में ऑटो के जोनल परमिट की संख्या 18 हजार से बढ़ाकर 22 हजार करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से हजारों ऑटो चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से नए परमिट जारी होने का इंतजार कर रहे थे।आरटीए के फैसले के....

पटना में ऑटो चालकों को बड़ी राहत! 18 हजार से बढ़कर 22 हजार होगा जोनल परमिट, लगेगा QR Code

पटना शहर में ऑटो परिचालन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (आरटीए) ने शहर में ऑटो के जोनल परमिट की संख्या 18 हजार से बढ़ाकर 22 हजार करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से हजारों ऑटो चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से नए परमिट जारी होने का इंतजार कर रहे थे।आरटीए के फैसले के अनुसार कुल 22 हजार परमिट में से 19,800 ऑटो को नियमित जोनल परमिट दिए जाएंगे, जबकि 2,200 परमिट रिजर्व श्रेणी में रखे जाएंगे। खास बात यह है कि साल 2014 के बाद से शहरी क्षेत्र में नए परमिट जारी करने पर लगी पाबंदी अब हटाई जा रही है। ऐसे में ऑटो चालकों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा है।

 आवेदन और चयन की प्रक्रिया ऑनलाइन 
नई व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए आवेदन और चयन की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। प्रत्येक ऑटो चालक को अपने जोन के तीन प्रमुख रूट चुनने का विकल्प मिलेगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद आरटीए यह तय करेगा कि किस चालक को कौन सा रूट आवंटित किया जाएगा। रूट आवंटन में उन चालकों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास पहले से पुराना परमिट है। बता दें कि इस बार परमिट सिर्फ कागज तक सीमित नहीं रहेगा। हर ऑटो पर एक विशेष क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इस कोड को स्कैन करते ही वाहन मालिक का नाम, इंजन और चेसिस नंबर के साथ-साथ निर्धारित रूट की जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देगी। इससे ट्रैफिक पुलिस के लिए गलत रूट पर चलने वाले ऑटो की पहचान करना आसान होगा और अवैध परिचालन पर लगाम लगेगी।

 चालकों को भारी जुर्माना भरना पड़ता है
साथ ही यह तकनीक ऑटो चोरी की घटनाओं को रोकने में भी मददगार साबित हो सकती है। यात्रियों को भी इससे सुरक्षा का भरोसा मिलेगा, क्योंकि वे आसानी से जान सकेंगे कि जिस ऑटो में वे सफर कर रहे हैं वह वैध रूप से पंजीकृत वाहन है।दरअसल, अभी पटना की सड़कों पर चल रहे कई ऑटो ग्रामीण परमिट पर या बिना वैध शहरी कागजात के ही परिचालित हो रहे हैं। इसके कारण पुलिस जांच के दौरान चालकों को भारी जुर्माना भरना पड़ता है। नई जोनल व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे चालकों का परिचालन कानूनी दायरे में आ जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल ऑटो चालकों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा, बल्कि पटना शहर के यातायात को भी अधिक व्यवस्थित और अनुशासित बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।