नीतीश कुमार का ‘स्वर्णिम फैसला’! सम्राट चौधरी ने शराबबंदी और विकास पर दिया बड़ा बयान

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में लागू शराबबंदी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक और स्वर्णिम निर्णय है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सरकार को हर साल करीब 28 से 30 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होता है, इसके बावजूद सामाजिक हित को ध्यान में रखते हुए इसे लागू रखा गया है।रविवार को एक स्थानीय होटल में आयोजित कार्यक्रम ....

नीतीश कुमार का ‘स्वर्णिम फैसला’! सम्राट चौधरी ने शराबबंदी और विकास पर दिया बड़ा बयान

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में लागू शराबबंदी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक और स्वर्णिम निर्णय है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सरकार को हर साल करीब 28 से 30 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होता है, इसके बावजूद सामाजिक हित को ध्यान में रखते हुए इसे लागू रखा गया है।रविवार को एक स्थानीय होटल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि शराबबंदी का समाज पर सकारात्मक असर पड़ा है और बिहार ने इस फैसले के जरिए पूरे देश को एक नई दिशा दिखाई है।

 उनके योगदान को कोई नहीं भूल सकता
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सार्वजनिक जीवन के लगभग 50 वर्ष बिहार को दिए हैं। उनके योगदान को कोई नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि भले ही उनकी भूमिका में बदलाव हो रहा हो, लेकिन उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में बिहार का विकास आगे भी जारी रहेगा।सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लक्ष्य बिहार में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करना है और सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।

कानून-व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है
उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। एक समय था जब राज्य की पहचान अपहरण उद्योग से जुड़ी हुई थी, लेकिन अब कानून-व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और बिहार देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है जहां अपहरण की घटनाएं सबसे कम हैं।उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार में चार नए हवाई अड्डों के निर्माण की योजना है। खासकर सोनपुर में बनने वाला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उद्योग और व्यापार को नई गति देगा। साथ ही दूसरे राज्यों में मजदूरी करने गए बिहार के श्रमिकों को चिन्हित कर उन्हें राज्य में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार काम करेगी।