बिहार में बस से सफर होगा आसान: 824 नए रूट पर चलेंगी बसें, दूसरे राज्यों से भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी

बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आने वाले महीनों में राज्य के लोगों को बस से सफर करने में काफी सुविधा मिलने वाली है। बिहार सरकार ने राज्य के 824 नए रूटों और दूसरे राज्यों के 370 से अधिक रूटों पर बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है।यह बस सेवा लोक-निजी भागीदारी (PPP मोड) में चलाई जाएगी और परिवहन विभाग का .....................

बिहार में बस से सफर होगा आसान: 824 नए रूट पर चलेंगी बसें, दूसरे राज्यों से भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी

बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आने वाले महीनों में राज्य के लोगों को बस से सफर करने में काफी सुविधा मिलने वाली है। बिहार सरकार ने राज्य के 824 नए रूटों और दूसरे राज्यों के 370 से अधिक रूटों पर बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है।यह बस सेवा लोक-निजी भागीदारी (PPP मोड) में चलाई जाएगी और परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि दिसंबर तक इन रूटों पर बसों का परिचालन शुरू कर दिया जाए।

1 अप्रैल से शुरू होंगे आवेदन
परिवहन विभाग के अनुसार इस योजना के तहत बसों के संचालन के लिए 1 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके जरिए राज्य के अलग-अलग जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के कई शहरों को बेहतर बस सेवा से जोड़ा जाएगा।इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच आवागमन को आसान बनाना और लोगों को सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इस योजना को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के माध्यम से लागू किया जाएगा।

परमिट नियमों में भी किए गए बदलाव
परिवहन विभाग ने इंटर रीजनल रूट (Inter Regional Routes) के लिए बस परमिट नियमों में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब बस मालिकों को परमिट के लिए आवेदन करते समय कई अतिरिक्त जानकारियां देनी होंगी। नई व्यवस्था के तहत बस मालिकों को जिस रूट पर बस चलानी है उसका नक्शा देना होगा। बस के अंदर और बाहर की तस्वीरें जमा करनी होंगी। सीट क्षमता, एसी या नॉन-एसी जैसी जानकारी देनी होगी। 

बस से जुड़ी पूरी जानकारी देना होगा अनिवार्य
इसके अलावा बस पर लगे बैनर, मालिक का नाम, ड्राइवर का नाम, मोबाइल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य जरूरी सूचनाओं की तस्वीर भी आवेदन के साथ जमा करनी होगी। इन जानकारियों के आधार पर विभाग बस की स्थिति और क्षमता का आकलन करेगा।अधिकारियों के अनुसार नए रूटों पर बस सेवा शुरू करने से पहले यह भी तय किया जाएगा कि बसों के स्टॉपेज कहां-कहां बनाए जाएं। इसके लिए विशेष टीम बनाई जाएगी, जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में जाकर लोगों से बातचीत करेगी। लोगों से मिली जानकारी और जरूरत के आधार पर ही बस स्टॉपेज तय किए जाएंगे, ताकि यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सके।सरकार का मानना है कि इस योजना से राज्य में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी और यात्रियों को सस्ती व सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।