परिवहन विभाग का बड़ा फैसला: अब दूसरे राज्यों के लिए सीधे बस से होगा सफर,पीपीपी मॉडल पर चलेंगी नई बसें
बिहारवासियों के लिए सफ़र जल्द ही पहले से कहीं ज़्यादा आसान होने वाला है। ट्रेन की भीड़, टिकट न मिलने की परेशानी और लंबी वेटिंग लिस्ट से जूझ रहे यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए परिवहन विभाग ने 6 राज्यों और 60 से अधिक शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है।परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने साफ़ किया है कि सरकार का लक्ष्य है कि 50 हजार से अधिक आबादी ...
बिहारवासियों के लिए सफ़र जल्द ही पहले से कहीं ज़्यादा आसान होने वाला है। ट्रेन की भीड़, टिकट न मिलने की परेशानी और लंबी वेटिंग लिस्ट से जूझ रहे यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए परिवहन विभाग ने 6 राज्यों और 60 से अधिक शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है।परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने साफ़ किया है कि सरकार का लक्ष्य है कि 50 हजार से अधिक आबादी वाले हर प्रखंड को अनिवार्य रूप से बस सेवा से जोड़ा जाए। इसके तहत बिहार के अलग-अलग जिलों से सीधे दूसरे राज्यों और बड़े शहरों के लिए बसें चलाई जाएंगी, ताकि आम लोगों को यात्रा के लिए केवल रेलवे पर निर्भर न रहना पड़े।
दो महीने में सड़कों पर उतरेंगी 150 नई बसें
सरकार की योजना के अनुसार, अगले दो महीनों के भीतर 150 नई बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। इन बसों के जरिए न सिर्फ़ राज्य के भीतर, बल्कि बाहर के शहरों तक सीधा और सुविधाजनक सफ़र संभव हो सकेगा।इस विस्तार की सबसे अहम बात यह है कि पूरी योजना को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर लागू किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने करीब 650 बसों को पीपीपी मोड में चलाने के लिए निजी बस मालिकों से आवेदन मांगे हैं।
झारखंड के लिए सबसे ज्यादा बसें
फिलहाल भी लगभग 1200 बसें इसी मॉडल पर चल रही हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और विकल्प मिल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में बसें चलने से ट्रेनों पर दबाव अपने आप कम होगा, जो यात्रियों के साथ-साथ सरकार के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। बता दें कि प्रस्तावित योजना के तहत सबसे अधिक बसें झारखंड के लिए चलाई जाएंगी। झारखंड 90 बसें,उत्तर प्रदेश 34 बसें,पश्चिम बंगाल 45 बसें,ओडिशा 16 बसें, छत्तीसगढ़ 28 बसें, दिल्ली 10 बसें। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 400 नॉन-एसी, 200 एसी और 50 लग्जरियस बसें चलाने की भी योजना है।
नेपाल के लिए भी लग्जरियस बस सेवा की तैयारी
इतना ही नहीं परिवहन विभाग बिहार-नेपाल के बीच लग्जरियस बस सेवा शुरू करने की संभावनाओं पर भी काम कर रहा है। इस प्रस्ताव को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज़ हैं।कुल मिलाकर यह फैसला केवल परिवहन सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव और विकास की राजनीति का भी संकेत देता है।













