जमुई में बवाल —ट्रैक्टर चालक की मौत के बाद ग्रामीणों ने परिवहन टीम को बनाया बंधक

के जमुई से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने प्रशासनिक कार्रवाई, मानवीय संवेदनाओं और कानून-व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरलोडिंग की जांच से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते हिंसक झड़प और एक व्यक्ति की मौत तक जा पहुंचा।टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत नर्मदा गांव में परिवहन विभाग की टीम नियमित जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान ईंट लादकर जमुई की ओर जा रहे एक ट्रैक्टर को ओवरलोडिंग के आरोप में रोका गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर को खदेड़कर पकड़ा गया....

जमुई में बवाल —ट्रैक्टर चालक की मौत के बाद ग्रामीणों ने परिवहन टीम को बनाया बंधक

बिहार के जमुई से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने प्रशासनिक कार्रवाई, मानवीय संवेदनाओं और कानून-व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरलोडिंग की जांच से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते हिंसक झड़प और एक व्यक्ति की मौत तक जा पहुंचा।टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत नर्मदा गांव में परिवहन विभाग की टीम नियमित जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान ईंट लादकर जमुई की ओर जा रहे एक ट्रैक्टर को ओवरलोडिंग के आरोप में रोका गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर को खदेड़कर पकड़ा गया।

मौत की खबर से भड़का ग्रामीणों का आक्रोश
आरोप है कि कार्रवाई के दौरान चालक उदय यादव (56 वर्ष), निवासी चौड़ीहा गांव, के साथ मारपीट की गई। परिजनों का दावा है कि पिटाई के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।चालक की मौत की सूचना मिलते ही गांव में तनाव फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद परिवहन विभाग की महिला ईएसआई लवली कुमारी, चालक नयन कुमार और पुलिस जवान दिलीप कुमार को घेर लिया।स्थिति इतनी बिगड़ गई कि तीनों को बंधक बना लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। गुस्साई भीड़ ने सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की।

प्रशासनिक हस्तक्षेप से काबू में आई स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीओ, डीटीओ और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने काफी मशक्कत और समझाइश के बाद बंधक बनाए गए कर्मियों को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया। घायल कर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।एसडीओ सौरव कुमार ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे घटना की जानकारी मिली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।

निष्पक्ष जांच का भरोसा
प्रशासन ने परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लीपापोती नहीं की जाएगी। यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन गांव में तनाव अब भी बना हुआ है।