राजस्व विभाग की पोल खुली! टोल-फ्री नंबर बंद, डिप्टी CM भड़के,कहा-सुबह से फोन...हम खुद 10 बार कॉल कर चुके हैं

बिहार में आम जनता की जमीन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जारी किया गया राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का टोल-फ्री नंबर खुद सिस्टम की लापरवाही का शिकार बन गया है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री विजय सिन्हा ने गुरुवार को विभाग का औचक निरीक्षण किया और बार-बार कॉल करने के बावजूद.....

राजस्व विभाग की पोल खुली! टोल-फ्री नंबर बंद, डिप्टी CM भड़के,कहा-सुबह से फोन...हम खुद 10 बार कॉल कर चुके हैं

बिहार में आम जनता की जमीन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जारी किया गया राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का टोल-फ्री नंबर खुद सिस्टम की लापरवाही का शिकार बन गया है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री विजय सिन्हा ने गुरुवार को विभाग का औचक निरीक्षण किया और बार-बार कॉल करने के बावजूद फोन नहीं उठाया गया।

 विभागीय अधिकारियों में हड़कंप 
बता दें कि गुरुवार को अचानक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पहुंचे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को देखते ही विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान विजय सिन्हा सीधे टोल-फ्री कॉल सेंटर कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से तीखे सवाल किए।डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से पूछा,“सुबह से फोन क्यों नहीं उठाया जा रहा है? हम खुद 10 बार कॉल कर चुके हैं।”गौरतलब है कि बिहार सरकार ने जमीन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर  1800-345-6215    जारी किया है लेकिन बीते कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इस नंबर पर कॉल नहीं लगता।

अधिकारियों को कड़ी फटकार
टोल-फ्री सेवा की हकीकत सामने आने के बाद डिप्टी सीएम ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। विजय सिन्हा ने साफ शब्दों में कहा कि यदि टोल-फ्री नंबर ही काम नहीं करेगा, तो आम लोग अपनी शिकायतें कैसे दर्ज कराएंगे और समाधान कैसे मिलेगा।उन्होंने कहा कि टोल-फ्री सेवा केवल कागजों पर दिखाने के लिए नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को तुरंत सुनने और हल करने के लिए है।

तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए 
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कॉल सेंटर 24 घंटे प्रभावी रूप से कार्य करे। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि इस तरह की शिकायतें दोबारा सामने आईं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।विजय सिन्हा ने दो टूक कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राजस्व और भूमि से जुड़े मामलों में आम जनता को पारदर्शी, भरोसेमंद और त्वरित सेवाएं मिलें। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।