CM आवास छोड़ने के बाद 7 सर्कुलर रोड जाएंगे नीतीश! लालू यादव के पड़ोसी बनने की चर्चा तेज
मुख्यमंत्री पद से हटने और राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच अब यह सवाल तेज हो गया है कि आगे पटना में नीतीश कुमार कहां रहेंगे। चर्चा है कि मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग छोड़ने के बाद वह 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने पसंदीदा बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह बंगला लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के आवास के बेहद करीब है। ऐसे में अगर नीतीश कुमार यहां रहने आते हैं तो बिहार की राजनीति के दो बड़े ध्रुव एक ही इलाके में पड़ोसी बन जाएंगे, जिसे राजनीतिक तौर...
करीब 19 वर्षों तक 1 अणे मार्ग बिहार की सत्ता का केंद्र रहा है। यहीं से नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति और प्रशासन को दिशा दी और कई बड़े फैसले लिए। अब राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच यह माना जा रहा है कि उनकी भूमिका बदल सकती है और पटना में उनका नया ठिकाना भी बदल सकता है।इसी के साथ बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना भी जताई जा रही है।
पटना में नीतीश कुमार कहां रहेंगे
मुख्यमंत्री पद से हटने और राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच अब यह सवाल तेज हो गया है कि आगे पटना में नीतीश कुमार कहां रहेंगे। चर्चा है कि मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग छोड़ने के बाद वह 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने पसंदीदा बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह बंगला लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के आवास के बेहद करीब है। ऐसे में अगर नीतीश कुमार यहां रहने आते हैं तो बिहार की राजनीति के दो बड़े ध्रुव एक ही इलाके में पड़ोसी बन जाएंगे, जिसे राजनीतिक तौर पर भी काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
7 सर्कुलर रोड बन सकता है नया ठिकाना
बता दें कि फिलहाल 7 सर्कुलर रोड के बंगले का इस्तेमाल मुख्यमंत्री कार्यालय के तौर पर किया जा रहा है और नीतीश ने अपनी देखरेख में इस बंगले का निर्माण कराया है। यह इतना मजबूत है कि भूकंप के झटके झेल सके। इसके विशाल लॉन में कोलकाता से मंगाकर खास किस्म की घास लगाई गई है, जिससे इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है। जानकारी के लिए बता दें कि बिहार में पहले पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला देने की व्यवस्था थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। ऐसे में अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो उन्हें दिल्ली में केंद्र सरकार की ओर से आवास मिलेगा। हालांकि अगर वे पटना में भी अपना ठिकाना रखना चाहेंगे, तो यदि सरकार चाहे तो पूर्व सीएम को किराये पर घर दे सकती है।
पहले भी रह चुके हैं 7 सर्कुलर रोड में
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब वह 7 सर्कुलर रोड के इसी बंगले में रहने लगे थे। बाद में इसी आवास से राजनीतिक रणनीति बनाकर उन्होंने दोबारा सत्ता में वापसी की और 2015 में फिर मुख्यमंत्री बने।मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार 1 अणे मार्ग चले गए, लेकिन 7 सर्कुलर रोड का बंगला भी उनके पास ही रहा। विपक्ष ने इस पर दो-दो सरकारी बंगले रखने का आरोप लगाया था। इसके बाद इस बंगले को औपचारिक तौर पर मुख्य सचिव के नाम आवंटित कर दिया गया, हालांकि इसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री कार्यालय के रूप में होता रहा।
लालू-राबड़ी के पड़ोसी बन सकते हैं
बता दें कि अगर नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड में रहने जाते हैं तो उनका घर राबड़ी देवी के आवास से महज दो घर की दूरी पर होगा। दोनों बंगलों के बीच लगभग 200 मीटर का फासला है और दोनों ही सर्कुलर रोड के दक्षिणी हिस्से में स्थित हैं। वहीं बताया जा रहा है कि संख्या 7 को नीतीश कुमार अपना लकी नंबर मानते हैं। उन्होंने 1977 में राजनीति की शुरुआत की। 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने। रेल मंत्री रहते समय उनके फोन नंबर का अंतिम अंक 7 था। मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें जो गाड़ी मिली उसका नंबर 777 था। उनकी महत्वाकांक्षी योजनाओं का नाम भी “7 निश्चय” रखा गया।
हाई सिक्योरिटी जोन में है बंगला
बता दें कि 7 सर्कुलर रोड का पूरा इलाका हाई सिक्योरिटी जोन में आता है। यहां चारों ओर ऊंची दीवारें, प्रवेश द्वार और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था है। सुरक्षा के लिए पुलिस और विशेष बल तैनात रहते हैं।मुख्य भवन के बगल में मुख्यमंत्री का एक गोपनीय कार्यालय भी बना है, जहां सचिव और निजी सहायकों के दफ्तर हैं। दोनों परिसरों को अंदर से जोड़ने के लिए एक खास रास्ता भी बनाया गया है। बंगले के चारों तरफ पेड़ों और हरियाली से घिरा शांत वातावरण है।













