सीतामढ़ी में हाईवे पर टेंपो व ई-रिक्शा के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध, दुर्घटनाओं में कमी लाने की पहल
सीतामढ़ी जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। जिले के सभी हाई-वे पर टेंपो और ई-रिक्शा के परिचालन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि हाल के दिनों में सड़क हादसों की संख्या लगातार...........
सीतामढ़ी जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। जिले के सभी हाई-वे पर टेंपो और ई-रिक्शा के परिचालन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि हाल के दिनों में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही थी।
बच्चों के लिए गंभीर खतरा
परिवहन विभाग के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) प्रशांत कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है। डीटीओ ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के पीछे टेंपो और ई-रिक्शा का अव्यवस्थित और असुरक्षित परिचालन एक प्रमुख कारण बन रहा है। कई मामलों में टेंपो को उपयुक्त सवारी वाहन नहीं माना जाता, बावजूद इसके इनका धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था।प्रशांत कुमार ने जानकारी दी कि विभाग पहले ही निजी स्कूलों के बच्चों को टेंपो और ई-रिक्शा से स्कूल लाने-ले जाने पर प्रतिबंध लगा चुका है। सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या, तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन रही थी, जिसके चलते यह कदम उठाया गया था।
हाई-वे पर इनके संचालन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है
परिवहन विभाग के अनुसार, थ्री-व्हीलर वाहनों में कई अहम सुरक्षा मानकों की कमी पाई जाती है। इनमें सीट बेल्ट की सुविधा नहीं होती, वहीं हेडलाइट, वार्निंग लाइट, रियर व्यू मिरर और वाइपर जैसे जरूरी उपकरण भी अन्य वाहनों की तुलना में कमजोर या अपर्याप्त होते हैं। इन्हीं तकनीकी और सुरक्षा खामियों के कारण हाई-वे पर इनके संचालन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।













