एआई से बदलेगी ट्रैफिक की तस्वीर: बिहार के चार स्मार्ट शहरों में सिग्नल खुद तय करेंगे रास्ता, ऑटोमैटिक कटेगा ई-चालान

बिहार में ट्रैफिक व्यवस्था अब पारंपरिक सिस्टम से निकलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में प्रवेश करने जा रही है। जाम, अव्यवस्था और नियम उल्लंघन से जूझ रहे शहरों में अब एडवांस ‘एडिप्टिव एआई कैमरा’ तकनीक लागू करने की तैयारी है। इस पहल के तहत पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जैसे स्मार्ट शहरों में ट्रैफिक सिग्नल अब ट्रैफिक के दबाव के अनुसार खुद निर्णय लेंगे।सरकार का मानना..........

एआई से बदलेगी ट्रैफिक की तस्वीर: बिहार के चार स्मार्ट शहरों में सिग्नल खुद तय करेंगे रास्ता, ऑटोमैटिक कटेगा ई-चालान

बिहार में ट्रैफिक व्यवस्था अब पारंपरिक सिस्टम से निकलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में प्रवेश करने जा रही है। जाम, अव्यवस्था और नियम उल्लंघन से जूझ रहे शहरों में अब एडवांस ‘एडिप्टिव एआई कैमरा’ तकनीक लागू करने की तैयारी है। इस पहल के तहत पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जैसे स्मार्ट शहरों में ट्रैफिक सिग्नल अब ट्रैफिक के दबाव के अनुसार खुद निर्णय लेंगे।सरकार का मानना है कि यह तकनीक न केवल जाम से राहत दिलाएगी, बल्कि सड़क अनुशासन लागू करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी।

भीड़ के हिसाब से बदलेगा सिग्नल, जाम में मिलेगी राहत
नई एआई तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘एडिप्टिव सिग्नल कंट्रोल’ क्षमता है। कैमरे रीयल-टाइम में ट्रैफिक घनत्व का विश्लेषण करेंगे और उसी के अनुसार सिग्नल की अवधि तय करेंगे। जिस दिशा में वाहनों का दबाव ज्यादा होगा, वहां ग्रीन सिग्नल अधिक देर तक रहेगा। जहां ट्रैफिक कम होगा, वहां सिग्नल जल्दी बदल जाएगा। इससे चौराहों पर अनावश्यक इंतजार कम होगा और ट्रैफिक फ्लो बेहतर बनेगा। भागलपुर में जीरो माइल चौक, तिलकामांझी, कचहरी चौक, स्टेशन चौक और नाथनगर गोलंबर जैसे प्रमुख जाम वाले इलाकों को प्राथमिकता दी गई है।

14 तरह के उल्लंघनों पर तुरंत चालान
नई व्यवस्था के तहत एआई कैमरे केवल निगरानी नहीं करेंगे, बल्कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ स्वतः कार्रवाई भी करेंगे। सिस्टम निम्नलिखित उल्लंघनों को पहचानकर ऑटोमैटिक ई-चालान जारी करेगा। जैसे-हेलमेट न पहनना,सीट बेल्ट का उपयोग न करना,मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग,ट्रिपल राइडिंग,रेड लाइट जंप,रॉन्ग साइड ड्राइविंग,ओवरस्पीडिंग समेत कुल 14 प्रकार के उल्लंघन । कैमरे डिजिटल साक्ष्य के साथ सीधे चालान जारी करेंगे, जिससे पारदर्शिता और सख्ती दोनों सुनिश्चित होंगे।इस तकनीक का सफल उपयोग पहले से ही दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों में किया जा रहा है। वहीं अब बिहार में इसे लागू करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

हादसों में कमी और राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद
सरकार के अनुसार इस सिस्टम से कई बड़े फायदे होने की संभावना है । सड़क हादसों में लगभग 25% तक कमी,ट्रैफिक नियमों के पालन में सुधार,ईंधन और समय की बचत,ट्रैफिक जुर्माने से राजस्व में 50% तक वृद्धि।यह पहल केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटीज मिशन को भी मजबूती देगी। सरकार इसे “सख्ती और सहूलियत के संतुलन” का मॉडल मान रही है, जहां तकनीक के जरिए नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित ट्रैफिक अनुभव मिलेगा।