रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ी गईं CDPO अनिता कुमारी निलंबित, समाज कल्याण विभाग की बड़ी कार्रवाई
बिहार के किशनगंज जिले में भ्रष्टाचार के मामले में समाज कल्याण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीडीपीओ अनिता कुमारी को निलंबित कर दिया है। विभाग के अपर सचिव योगेश कुमार सागर...
बिहार के किशनगंज जिले में भ्रष्टाचार के मामले में समाज कल्याण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीडीपीओ अनिता कुमारी को निलंबित कर दिया है। विभाग के अपर सचिव योगेश कुमार सागर ने 4 मई को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।जारी आदेश के अनुसार, अनिता कुमारी को विशेष निगरानी इकाई द्वारा रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
अलग से विभागीय कार्रवाई शुरू करने की भी बात
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनका निलंबन गिरफ्तारी की तिथि से प्रभावी माना जाएगा। साथ ही यदि उन्हें जमानत मिलती है और वह योगदान देती हैं, तब भी उन्हें निलंबित ही माना जाएगा। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय समाज कल्याण विभाग, पटना निर्धारित किया गया है। विभाग ने इस मामले में अलग से विभागीय कार्रवाई शुरू करने की भी बात कही है।
10 लाख रुपये रिश्वत की मांग
दरअसल, यह मामला कोचाधामन के सीडीपीओ नागेंद्र कुमार की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन सीडीपीओ सह प्रभारी डीपीओ अनिता कुमारी ने विभागीय कार्रवाई से बचाने के बदले 10 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।
50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार
विशेष निगरानी इकाई, पटना ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत 19 फरवरी 2026 को कांड संख्या 08/2026 दर्ज किया। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को किशनगंज शहर के डुमरिया स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी कर अनिता कुमारी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम उन्हें सदर थाना लेकर पहुंची, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। जांच पूरी होने के बाद विशेष निगरानी इकाई की टीम उन्हें पटना लेकर रवाना हो गई।
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