सासाराम में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते अंचलाधिकारी, 20 हजार घूस लेते लिपिक गिरफ्तार
रोहतास जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों..
रोहतास जिले में आज निगरानी विभाग, पटना की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। महज चार घंटे के भीतर हुई दो अलग-अलग छापेमारी में सासाराम सदर के अंचल अधिकारी (सीओ) आकाश कुमार रौनियार, उनके निजी पीए सोनू कुमार और सिविल सर्जन कार्यालय के लिपिक सतीश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
तबादला कराने के नाम पर 25 हजार रुपए की मांग
निगरानी डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि पहली कार्रवाई सासाराम स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के सामने की गई, जहां विभागीय टीम ने लिपिक सतीश कुमार को 20 हजार रुपए घूस लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि उसने संझौली पीएचसी के लेखा प्रबंधक से तबादला कराने के नाम पर 25 हजार रुपए की मांग की थी। तय रकम में से 20 हजार रुपए लेते ही निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया।
पहली किस्त के तौर पर 3 लाख रुपए देने की योजना बनाई गई थी
इसके ठीक तीन घंटे बाद निगरानी विभाग ने दूसरी और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सासाराम सदर के अंचल अधिकारी आकाश कुमार रौनियार पर जमीन परिमार्जन (म्यूटेशन) कराने के बदले 8 लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। बाद में यह सौदा 6 लाख रुपए में तय हुआ। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया और पहली किस्त के तौर पर 3 लाख रुपए देने की योजना बनाई गई।
सोनू कुमार को 3 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया
जानकारी के मुताबिक यह रकम राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार के जरिए सीओ के निजी पीए सोनू कुमार तक पहुंचाई जानी थी। निगरानी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए सोनू कुमार को 3 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई
गिरफ्तारी के बाद टीम सोनू कुमार को लेकर मोरसराय मुहल्ला स्थित अंचल अधिकारी के किराये के मकान पर पहुंची, जहां तलाशी के दौरान रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। इसके बाद निगरानी विभाग ने सीओ आकाश कुमार रौनियार को भी गिरफ्तार कर लिया।इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय और प्रशासनिक हलकों में अफरा-तफरी का माहौल है। निगरानी विभाग की टीम सभी आरोपियों को अपने साथ पटना ले गई है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।













