नीतीश कुमार के निर्देश पर JDU का बड़ा फैसला, जनता से सीधे संवाद करेंगे मंत्री

बिहार की राजनीति में जनता से सीधे संवाद की पुरानी परंपरा को जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने एक बार फिर जीवंत कर दिया है। राजधानी पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में अब ह..

नीतीश कुमार के निर्देश पर JDU का बड़ा फैसला, जनता से सीधे संवाद करेंगे मंत्री

बिहार की राजनीति में जनता से सीधे संवाद की पुरानी परंपरा को जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने एक बार फिर जीवंत कर दिया है। राजधानी पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में अब हर दिन जनता दरबार लगेगा, जहां राज्य सरकार के मंत्री आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitish Kumar के निर्देश पर पूरे सप्ताह का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया गया है।जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार जन सुनवाई हर दिन सुबह 11:30 बजे से शुरू होगी। अलग-अलग दिनों में तीन-तीन मंत्री जनता से मुलाकात करेंगे और उनकी शिकायतें सुनेंगे।

लोगों से सीधा संवाद

सोमवार को ग्रामीण विकास मंत्री Shravan Kumar, भवन निर्माण मंत्री Leshi Singh और ग्रामीण कार्य मंत्री Sunil Kumar जनता दरबार में मौजूद रहेंगे। मंगलवार को डिप्टी सीएम Vijay Kumar Chaudhary, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री Sheela Mandal और ऊर्जा मंत्री Shailesh Kumar और Bulo Mandal लोगों की समस्याएं सुनेंगे।बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar, परिवहन मंत्री Damodar Rawat और आपदा प्रबंधन मंत्री Ratnesh Sada जनता दरबार में शामिल होंगे। गुरुवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मद्य निषेध मंत्री Madan Sahni और समाज कल्याण मंत्री Shweta Gupta लोगों से सीधा संवाद करेंगी।

मंत्री जनता की समस्याएं सुनेंगे

वहीं शुक्रवार को डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव, योजना एवं विकास मंत्री Bhagwanभगवान सिंह कुशवाहाऔर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान जनता की समस्याएं सुनेंगे।

दरअसल, जदयू का जनता दरबार कार्यक्रम बिहार की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय रहा है। मुख्यमंत्री रहते हुए Nitish Kumar खुद जनता दरबार लगाकर लोगों की शिकायतें सुनते थे। लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान यह कार्यक्रम बंद कर दिया गया था। अब पार्टी ने इसे फिर से शुरू कर जनता से सीधा जुड़ाव मजबूत करने की कोशिश की है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि तय दिन और समय के अनुसार मंत्री मौजूद रहेंगे, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और उनकी शिकायतों का जल्द समाधान हो सके।