वाहनों के गलत चालान सुधरवाने का आखिरी मौका, अब सिर्फ दो राष्ट्रीय लोक अदालत में मिलेगा फायदा, मार्च 2027 के बाद व्यवस्था होगी बंद
अगर आपकी गाड़ी पर कोई गलत चालान कट गया है या आप पुलिस, परिवहन विभाग द्वारा जारी किए गए चालान से संतुष्ट नहीं हैं, तो यह खबर आपके लिए है। वाहन चालकों और परिवहन व्यवसायियों के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए चालान रद्द कराने या उसमें सुधार करवाने का विकल्प अब बहुत सीमित बचा है।
DESWA DESK : अगर आपकी गाड़ी पर कोई गलत चालान कट गया है या आप पुलिस, परिवहन विभाग द्वारा जारी किए गए चालान से संतुष्ट नहीं हैं, तो यह खबर आपके लिए है। वाहन चालकों और परिवहन व्यवसायियों के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए चालान रद्द कराने या उसमें सुधार करवाने का विकल्प अब बहुत सीमित बचा है।
राज्यस्तरीय बैठक में लिए गए बड़े फैसले के अनुसार, मार्च 2027 के बाद से चालान सुधार के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत की सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। अगले वित्तीय वर्ष से लोक अदालत के माध्यम से यातायात चालान के मामलों का निपटारा नहीं किया जाएगा। बैठक में स्पष्ट किया गया है कि जिन वाहन मालिकों का चालान कटा हुआ है और वे उसे चुनौती देना चाहते हैं या उसमें संशोधन कराना चाहते हैं तो उनके पास अब केवल आगामी दो राष्ट्रीय लोक अदालत का ही विकल्प बचा है।
इन दो लोक अदालतों के दौरान वाहन चालक अपने पक्ष के प्रमाण प्रस्तुत कर गलत चालान को सुधरवा सकते हैं या पूरी तरह निरस्त करवा सकते हैं। यह व्यवस्था केवल मार्च 2027 तक आयोजित होने वाली लोक अदालतों के लिए ही प्रभावी रहेगी। परिवहन विभाग और कानून विशेषज्ञों ने आम नागरिकों सहित बस, ट्रक व ऑटो जैसे व्यावसायिक वाहन चालकों को आगाह किया है कि वे इस सुविधा का समय रहते लाभ उठा लें।
तय समय सीमा बीत जाने के बाद लोक अदालत के माध्यम से चालान में छूट या सुधार का यह आसान रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा, जिसके बाद वाहन स्वामियों को कानूनी प्रक्रियाओं के लंबे दौर से गुजरना पड़ सकता है। यदि आपका भी कोई चालान लंबित है तो आवश्यक कागजात तैयार रखें और आने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामले का त्वरित निपटारा कराएं।













