बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, नीतीश कुमार का प्रचार वीडियो डीपफेक, भाजपा को दी खुली चुनौती

चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने दावा किया कि भाजपा हार के डर से बौखला गई है और 'बीमार' नीतीश कुमार की अपील का फर्जी वीडियो बनाकर जनता को गुमराह कर रही है। पीके ने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा इस वीडियो को असली साबित कर दे तो बांकीपुर उपचुनाव से पीछे हट जाएंगे। 

बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, नीतीश कुमार का प्रचार वीडियो डीपफेक, भाजपा को दी खुली चुनौती

DESWA DESK : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के अंतिम दौर के प्रचार में नया सियासी भूचाल आ गया है। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर पीके ने बीजेपी पर पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का एआई जनरेटेड डीपफेक वीडियो जारी करने का आरोप लगाया है।

चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने दावा किया कि भाजपा हार के डर से बौखला गई है और 'बीमार' नीतीश कुमार की अपील का फर्जी वीडियो बनाकर जनता को गुमराह कर रही है। पीके ने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा इस वीडियो को असली साबित कर दे तो बांकीपुर उपचुनाव से पीछे हट जाएंगे। 

प्रशांत किशोर ने सोमवार को एनडीए द्वारा जारी किए गए नीतीश कुमार के वीडियो संदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे ध्यान से देखने पर साफ पता चलता है कि यह एआई तकनीक से तैयार किया गया डीपफेक है। नीतीश कुमार ने ऐसा कोई बयान जारी ही नहीं किया है। पीके ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि एनडीए ने इस चुनाव में अपने विधायकों, मंत्रियों, सांसदों, जीविका दीदियों और पूरे सरकारी तंत्र को झोंक दिया। 

शुरुआत में जिस नीतीश कुमार का चेहरा बिहार के तमाम सरकारी और राजनीतिक पोस्टरों से पूरी तरह गायब कर दिया गया था, अब हार के डर से उनका फेक वीडियो बनाकर समर्थकों को साधने की हास्यास्पद कोशिश हो रही है। बांकीपुर सीट पर मतदान से ठीक पहले प्रशांत किशोर के इस दावे ने पूरे चुनावी समीकरण को गरमा दिया है। 

एक तरफ जहां एनडीए इस सीट को अपना मजबूत किला मानकर चल रही थी, वहीं जन सुराज के इस एआई-डीपफेक वाले आरोप ने विवाद खड़ा कर दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार के इतिहास में यह संभवतः पहला मौका है जब किसी उपचुनाव के निर्णायक मोड़ पर डीपफेक और एआई का मुद्दा इस तरह सीधे राजनीतिक हमले का केंद्र बना है।