सोलर लाइट घोटाला और नल-जल में अनियमितता पर दो हजार मुखियों पर होगी कार्रवाई, 12 के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू

राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ पंचायती राज विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई शुरू की है। बिहार की कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से लगभग 2000 पंचायतों के मुखिया वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी विकास योजनाओं में बड़े पैमाने पर धांधली के गंभीर आरोपों के तहत जांच के दायरे में आ गए हैं। विभाग ने गड़बड़ी में शामिल पाए गए फिलहाल दर्जनभर मुखियाओं के खिलाफ बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

सोलर लाइट घोटाला और नल-जल में अनियमितता पर दो हजार मुखियों पर होगी कार्रवाई, 12 के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू

DESWA DESK : राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ पंचायती राज विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई शुरू की है। बिहार की कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से लगभग 2000 पंचायतों के मुखिया वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी विकास योजनाओं में बड़े पैमाने पर धांधली के गंभीर आरोपों के तहत जांच के दायरे में आ गए हैं। विभाग ने गड़बड़ी में शामिल पाए गए फिलहाल दर्जनभर मुखियाओं के खिलाफ बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

इस पूरी प्रशासनिक सख्ती का मुख्य केंद्र राज्य सरकार की दो सबसे महत्वाकांक्षी योजनाएं 'मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना' और हर घर नल का जल योजना है। जांच रिपोर्टों और स्थानीय शिकायतों के अनुसार, कई पंचायतों में धरातल पर काम पूरा किए बिना ही कागजों पर शत-प्रतिशत क्रियान्वयन दिखाकर राशि का उठाव कर लिया गया। सोलर लाइटों की खरीदारी में तय मानकों का उल्लंघन, फर्जी बिलिंग, और घटिया गुणवत्ता के उपकरण लगाने के साक्ष्य मिले हैं। 

वहीं, नल-जल योजना में मेंटेनेंस फंड के गबन और कई वार्डों में बिना जलापूर्ति के ही योजना पूर्ण घोषित करने जैसी गंभीर शिकायतें पाई गई हैं। बताया जा रहा है कि राज्य की लगभग 25 प्रतिशत पंचायतों के वर्तमान और पूर्व प्रतिनिधियों के अभिलेखों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। दोषी पाए जाने वाले मुखियाओं को पंचायती राज अधिनियम के तहत पदमुक्त (बर्खास्त) करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इस दौरान केवल पद से हटाना ही नहीं, बल्कि गबन की गई सरकारी राशि की वसूली के साथ-साथ दोषी जनप्रतिनिधियों और संबंधित कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पंचायती राज विभाग के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित के पैसों की लूट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारियों और जिला पंचायती राज अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जांच प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करें ताकि निर्दोषों को परेशानी न हो, लेकिन दोषियों में से कोई बच न सके। इस व्यापक कार्रवाई से राज्य भर के पंचायत प्रतिनिधियों में हड़कंप मच गया है, वहीं ग्रामीणों के बीच पारदर्शी शासन को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।

इन 12 मुुखियों पर कार्रवाई शुरू

इम्तियाज अंसारी-काजीपुर, बक्सर
दीपनारायण सिंह-पहरी सिमरी, बक्सर
बटोरन कुमार-डोमा, बख्तियारपुर, पटना
अजय कुमार- बरीसवन, शाहपुर, भोजपुर
शिवशंकर सिंह-रामपुर डीह, हनुमान नगर, दरभंगा
रमेश मांझी-श्रीपुर गाहर पश्चिमी, खानपुर, समस्तीपुर
मो. नदीमुर रहमान-ठिकही, कटरा, मुजफ्फरपुर
किरण बाला-अखलासपुर, कैमूर
अखिलेश रजक-भीखनपुरा, देसरी, वैशाली
रामानंद सिंह- पिंजीरा, जहानाबाद
अंजली कुमारी, सहाजीतपुर, सारण
आजाद शाह-मोकरमपुर, मधुबनी