नवादा में महाजाम : खखंदुआ माइंस के ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ सड़क पर ग्रामीण, समर्थन में धरने पर BJP MLA; कहा-DM बात नहीं सुनते 

धरना स्थल पर विधायक अनिल सिंह ने प्रशासनिक मिलीभगत और खनन माफिया की मनमानी पर गंभीर सवाल उठाए। विधायक ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्लूडी) द्वारा बनाई गई इन ग्रामीण सड़कों की भार वहन क्षमता महज दस से 12 टन है। इसके विपरीत इन पर 55 से 70 टन तक के महाकाय वाहन बेधड़क दौड़ रहे हैं। नियमानुसार पहाड़ों से निकलने वाली गिट्टी की ढुलाई सिर्फ मुख्य मार्गों से होनी थी, लेकिन टोल टैक्स बचाने या शार्टकट के चक्कर में भारी वाहनों को ग्रामीण इलाकों में घुसाया जा रहा है।

नवादा में महाजाम : खखंदुआ माइंस के ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ सड़क पर ग्रामीण, समर्थन में धरने पर BJP MLA; कहा-DM बात नहीं सुनते 
प्रतीकात्मक तस्वीर

DESWA DESK : नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र में ग्रामीण सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड भारी वाहनों के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। खखंदुआ माइंस से गिट्टी लेकर निकलने वाले 55 से 70 टन वजनी ट्रकों से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़कों को पूरी तरह जाम कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इस आंदोलन को उस वक्त बड़ी राजनीतिक ताकत मिली, जब हिसुआ के भाजपा विधायक अनिल सिंह भी लाव-लश्कर के साथ धरना स्थल पर पहुंच गए और ग्रामीणों के समर्थन में जमीन पर बैठ गए।

धरना स्थल पर विधायक अनिल सिंह ने प्रशासनिक मिलीभगत और खनन माफिया की मनमानी पर गंभीर सवाल उठाए। विधायक ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्लूडी) द्वारा बनाई गई इन ग्रामीण सड़कों की भार वहन क्षमता महज दस से 12 टन है। इसके विपरीत इन पर 55 से 70 टन तक के महाकाय वाहन बेधड़क दौड़ रहे हैं। नियमानुसार पहाड़ों से निकलने वाली गिट्टी की ढुलाई सिर्फ मुख्य मार्गों से होनी थी, लेकिन टोल टैक्स बचाने या शार्टकट के चक्कर में भारी वाहनों को ग्रामीण इलाकों में घुसाया जा रहा है।

अकबरपुर प्रखंड की लगभग एक दर्जन मुख्य ग्रामीण सड़कें इस ओवरलोडिंग के कारण पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। विधायक अनिल सिंह ने कहा कि इस गंभीर मामले को लेकर मैंने सात मई को नवादा के जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन हफ्तों बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया रहा और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब तक इन ओवरलोड वाहनों का परिचालन ग्रामीण सड़कों पर पूरी तरह बंद नहीं होता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि खखंदुआ माइंस से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भारी ट्रक गुजरते हैं। इसके कारण न सिर्फ सड़कें टूट चुकी हैं, बल्कि चौबीसों घंटे उड़ने वाले धूल के गुबार से लोग दमा और सांस की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। गड्ढों के कारण बच्चों का स्कूल जाना, मरीजों को अस्पताल ले जाना और रोजमर्रा के काम से बाजार जाना दूभर हो गया है। आए दिन इन संकरी ग्रामीण सड़कों पर हादसे हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक जिला प्रशासन और खनन विभाग लिखित रूप में भारी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल रोक नहीं लगाता, तब तक यह चक्का जाम और धरना समाप्त नहीं होगा।