तेजप्रताप के सरकारी आवास में चोरी मामले में गवाह ड्राइवर के घर पहुंचे आरोपी के परिजन; आकाश के नाम पर परिवार को उठवाने की धमकी

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे और जेजेडी अध्यक्ष तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास में हुई 20 लाख रुपये की चोरी का मामला अब और पेचीदा हो गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के मुख्य गवाह और तेजप्रताप के ड्राइवर अनिल यादव के परिवार को शनिवार देर रात घर में घुसकर जान से मारने और पूरे परिवार को उठवा लेने की धमकी दी गई है। 

तेजप्रताप के सरकारी आवास में चोरी मामले में गवाह ड्राइवर के घर पहुंचे आरोपी के परिजन; आकाश के नाम पर परिवार को उठवाने की धमकी

DESWA DESK : आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे और जेजेडी अध्यक्ष तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास में हुई 20 लाख रुपये की चोरी का मामला अब और पेचीदा हो गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के मुख्य गवाह और तेजप्रताप के ड्राइवर अनिल यादव के परिवार को शनिवार देर रात घर में घुसकर जान से मारने और पूरे परिवार को उठवा लेने की धमकी दी गई है। 

इस घटना के बाद डरे-सहमे ड्राइवर और उनकी पत्नी ने देर रात ही गर्दनीबाग थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, चोरी के मुख्य आरोपी और तेजप्रताप के पूर्व निजी सहायक (पीए) मोतीलाल राय की पत्नी प्रीति भारती, उनके ससुर और साली शनिवार रात करीब 11 बजे ड्राइवर अनिल कुमार के घर पहुंच गए। अनिल कुमार की पत्नी रंजू देवी ने बताया कि घटना के वक्त उनके पति तेजप्रताप यादव के आवास पर गए हुए थे और वह घर में अकेली थीं। आरोप है कि मोतीलाल के परिजनों ने घर में घुसकर रंजू देवी के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया और तीखे लहजे में कहा कि अगर इस केस में गवाही दी, तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।

शिकायत के मुताबिक, बातचीत के दौरान आरोपी पक्ष ने एक रसूखदार आकाश यादव का हवाला दिया। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर कोर्ट या पुलिस के सामने मुंह खोला तो आकाश यादव के जरिए पूरे परिवार को उठवा लिया जाएगा और भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा। इस धमकी के बाद से ड्राइवर का पूरा परिवार गहरे सदमे और खौफ में है। इस संबंध में तेजप्रताग के ड्राइवर अनिल कुमार एवं उनकी पत्नी रंजू देवी ने कहा कि चोरी के मामले में गवाह का नाम सामने आने के बाद से ही हमें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। आधी रात को घर पर आकर धमकी दी गई है। हमने गर्दनीबाग थाने में आवेदन देकर सख्त कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है।

बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब तेजप्रताप यादव ने अपने सरकारी आवास से लगभग 20 लाख रुपये नकद और कई अन्य कीमती सामान चोरी होने की शिकायत सचिवालय थाने में दर्ज कराई थी। तेजप्रताप ने अपने पूर्व पीए मोतीलाल राय को नामजद मुख्य आरोपी बनाया था। तेजप्रताप की प्राथमिकी के अनुसार उनके ड्राइवर अनिल कुमार और एक अन्य सहयोगी ने घटना के दिन मोतीलाल राय को आवास से संदिग्ध हालत में सामान लेकर जाते हुए देखा था। इसी वजह से अनिल कुमार इस पूरे मामले के सबसे अहम चश्मदीद गवाह बन गए हैं। सचिवालय थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद अब गर्दनीबाग थाने की पुलिस को गवाह को धमकी देने का आवेदन मिला है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों शिकायतों को आपस में जोड़कर देखा जा रहा है। देर रात ड्राइवर के घर पहुंचे लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।