टीबी मुक्त भारत अभियान में 38वें से पहले स्थान पर पहुंचा पटना जिला; जांच, उपचार एवं पोषण सहायता में तेजी लाने का डीएम ने दिया निर्देश

टीबी मुक्त भारत अभियान के समीक्षा के दौरान पटना जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि टीबी के संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग के क्षेत्र में पटना जिला ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि दो जुलाई को पटना जिला स्क्रीनिंग के मामले में 38वें स्थान पर था, जो अब प्रगति करते हुए प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।

टीबी मुक्त भारत अभियान में 38वें से पहले स्थान पर पहुंचा पटना जिला; जांच, उपचार एवं पोषण सहायता में तेजी लाने का डीएम ने दिया निर्देश

DESWA DESK : टीबी मुक्त भारत अभियान के समीक्षा के दौरान पटना जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि टीबी के संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग के क्षेत्र में पटना जिला ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि दो जुलाई को पटना जिला स्क्रीनिंग के मामले में 38वें स्थान पर था, जो अब प्रगति करते हुए प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य करते रहें।

टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को टीबी के संभावित मरीजों की पहचान, स्क्रीनिंग, जांच, उपचार तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सहायता योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक तेजी लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि टीबी के संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ नैट (NAAT) टेस्टिंग एवं एक्स-रे जांच में भी तेजी लाई जाए, ताकि बीमारी की समय पर पहचान कर मरीजों का शीघ्र उपचार शुरू किया जा सके। 

समीक्षा में पाया गया कि अब तक 16,381 संदिग्ध मरीजों की नैट टेस्टिंग तथा 22,493 मरीजों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने जांच की प्रक्रिया को और प्रभावी एवं त्वरित बनाने का निर्देश दिया। बैठक में टीबी मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण संबंधी सहायता की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि 361 टीबी मरीजों को प्रत्येक माह फूड बास्केट उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पात्र सभी मरीजों को समय पर  दवाइयां, पोषण सहायता आदि उपलब्ध कराई जाए तथा इस कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि टीबी से लड़ाई केवल दवा और उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के पोषण, नियमित दवा सेवन, चिकित्सकीय निगरानी एवं सामाजिक सहयोग पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सभी सहायता योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर मिले। जिलाधिकारी ने टीबी मरीजों को दवा की उपलब्धता तथा डीबीटी के माध्यम से दी जाने वाली आर्थिक सहायता की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों को दवाइयां समय पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ डीबीटी के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए।

निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत पात्र टीबी मरीजों को देय राशि के भुगतान में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं हो, यह सुनिश्चित करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार के साथ-साथ उन्हें मिलने वाली आर्थिक एवं पोषण संबंधी सहायता भी समय पर उपलब्ध होना आवश्यक है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक कठिनाई के अपना उपचार पूरा कर सकें।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को टीबी मरीजों की पहचान से लेकर जांच, उपचार, दवा की उपलब्धता, पोषण सहायता एवं डीबीटी भुगतान तक पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही पटना जिला को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। बैठक में उपविकास आयुक्त शुभम कुमार और स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।