गंगा-गंडक उफान पर; पटना के दियारा में घुसा पानी, बगहा में कटाव का खतरा, आईएमडी का चार दिनों तक बारिश का अलर्ट
बिहार में मानसून के तेवरों ने एक बार फिर तबाही की आहट दे दी है। राज्य की प्रमुख नदियां उफान पर हैं और पटना से लेकर भागलपुर तक गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। पटना के दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से पलायन शुरू हो गया है। इस बीच, मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य में अगले चार दिनों तक भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।
DESWA DESK : बिहार में मानसून के तेवरों ने एक बार फिर तबाही की आहट दे दी है। राज्य की प्रमुख नदियां उफान पर हैं और पटना से लेकर भागलपुर तक गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। पटना के दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से पलायन शुरू हो गया है। इस बीच, मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य में अगले चार दिनों तक भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।
राजधानी पटना में गंगा के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी से तटीय इलाकों में हड़कंप है। दियारा के निचले हिस्सों में पानी भर जाने से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर शरण लेने को मजबूर हैं। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गांधी घाट समेत कई प्रमुख घाटों को असुरक्षित व खतरनाक घोषित कर दिया है और लोगों को गहरे पानी में न जाने की हिदायत दी है।
गंगा के साथ-साथ राज्य की अन्य नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई जिलों में संकट खड़ा हो गया है। बगहा में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से भीषण कटाव शुरू हो गया है, जिससे बगहा शहर पर सीधा खतरा मंडराने लगा है। सुल्तानगंज (भागलपुर) में गंगा लाल निशान से काफी ऊपर बह रही है, जिससे जारी श्रावणी मेले की व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वहीं, बक्सर के रामरेखा घाट पर जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण श्रद्धालुओं के स्नान और जलबोझी पर प्रशासन सख्त निगरानी रख रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार दिनों तक राज्य में झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है। यदि जललग्राहण क्षेत्रों में बारिश का यह दौर जारी रहता है, तो बिहार में बाढ़ की स्थिति और गंभीर रूप ले सकती है। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।













